पंचायत चुनाव परिणाम से सहमे सुक्खू, खुद के लिए ढूंढ रहे सुरक्षित सीट; जयराम ठाकुर ने पांवटा साहिब में कसा तंज
हिमाचल के नगर निकाय और पंचायत चुनावों में भाजपा समर्थित प्रत्याशियों ने शानदार जीत दर्ज की है, जिससे कांग्रेस और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की स्थिति डामाडोल हो गई है।
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पांवटा साहिब में पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर व अन्य। जागरण
HighLights
हिमाचल पंचायत चुनावों में भाजपा समर्थित प्रत्याशियों ने शानदार जीत दर्ज की।
जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुक्खू की राजनीतिक स्थिति को डामाडोल बताया।
सुक्खू सरकार द्वारा बंद किए गए संस्थानों पर जयराम ठाकुर ने सवाल उठाए।
जागरण संवाददाता, नाहन। हिमाचल प्रदेश के नगर निकाय और पंचायत चुनाव में जनता ने कमल के फूल और भाजपा समर्थित प्रत्याशियों को भरपूर प्यार और वोट दिया है। प्रदेश में अब तक हुए 11 जिला परिषद चुनाव में से 10 में भारतीय जनता पार्टी की जीत हुई है। पांवटा साहिब में 95 प्रतिशत से ज्यादा भारतीय जनता पार्टी समर्थित प्रत्याशी जीते हैं। यह प्रदेशवासियों का भाजपा और नरेन्द्र मोदी की नीति और नीयत पर भरोसा है। यह उद्गार पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर पांवटा साहिब में आयोजित नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधि सम्मान समारोह में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कही।
जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू पंचायती राज और स्थानीय निकाय के चुनाव के परिणाम देखकर कांग्रेस के सभी मंत्री और विधायक विचलित हैं। इन चुनाव में अपने ही घर में बुरी तरह हारने वाले मुख्यमंत्री अपने लिए विधानसभा चुनाव में सुरक्षित सीट की तलाश कर रहे हैं। पंचायती राज में मिली करारी हार के बाद मुख्यमंत्री सुक्खू की अपनी कुर्सी भी डामाडोल हुई है।
दिल्ली जाकर एक-दूसरे के सिर फोड़ रहे हार का ठीकरा
कांग्रेस के विधायक और बाकी धड़े दिल्ली जाकर हार का ठीकरा उनके सिर फोड़कर उन्हें हटाने की पूरी कोशिश भी कर रहे हैं। मुख्यमंत्री भी इस ऐतिहासिक हार के लिए अपने मंत्रियों को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। प्रदेश के हितों के लिए काम करने की बजाय कांग्रेस के सारे धड़े दिल्ली में आए दिन अपनी जोर-आजमाइश कर रहे हैं। एक धड़ा दिल्ली से आता है, तो दूसरा धड़ा दिल्ली जाता है।
मित्रमंडल मंत्रिमंडल पर हावी
जयराम ठाकुर ने कहा कि इतनी करारी हार के बाद भी मुख्यमंत्री का मित्र मंडल मंत्रिमंडल पर हावी है। अपना गुट मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री ने कई विधायकों को मंत्री बनाने की घुट्टी पिलाई हुई है। एक विधायक को सदन से लेकर जनसभा तक में मंत्री बनाने का वादा भी कर चुके हैं और उसी वादे को याद दिलाने के लिए वह विधायक हमेशा उनके साथ घूमते नजर आते हैं कि मुख्यमंत्री को किसी तरह अपनी घोषणा याद आए और वह मंत्री बन जाए।
सुक्खू सरकार ने बंद किए पांवटा के संस्थान
जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री रहते उन्होंने पांवटा साहिब में स्थानीय विधायक और आम जनता की मांग पर अनेकों संस्थान खोले, जिससे लोगों को लाभ मिल सके। सत्ता में आते ही व्यवस्था परिवर्तन की सरकार चलाने वाले सुक्खू ने प्रदेश भर में ढाई हजार से ज्यादा संस्थान बंद कर दिए।
कांग्रेस के नेता किसी भी विधानसभा क्षेत्र में अपने किए हुए चार नए काम नहीं दिखा सकते, जबकि हम उन्हें हर विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस द्वारा बंद किए गए पचासों संस्थान दिखा सकते हैं। यही भारतीय जनता पार्टी और व्यवस्था परिवर्तन की सरकार के मॉडल में फर्क है। वह सुविधा छीनना जानते हैं और हम सुविधाएं देना।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि पंचायती राज और स्थानीय निकाय के चुनावों में हुए परिणामों के माध्यम से प्रदेशवासियों ने साफ संदेश भी दे दिया है। मुख्यमंत्री को अपनी नाकामी का एहसास पहले ही था, इसीलिए वह इन चुनाव से भाग भी रहे थे।
