नाहन, राजन पुंडीर। वीरवार को शिमला (आरक्षित) संसदीय क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी सुरेश कश्यप चुनाव जीतने के बाद जिला सिरमौर से भाजपा के पहले सांसद बन गये है। साथ ही पच्छाद के विधायक एवं लोकसभा भाजपा प्रत्याशी सुरेश कश्यप जिला सिरमौर से लोकसभा पंहुचने वाले पांचवे सांसद भी बन गए हैं। 1952 के लोकसभा चुनाव में चंबा-सिरमौर लोकसभा क्षेत्र से पच्छाद विस क्षेत्र के बडी-भू-पडाहां के आनंद राम सेवल पहले सांसद चुने गये थे। 1957 में शिमला व सिरमौर जिला का एक महासु संसदीय क्षेत्र बनाया गया। इसके पहले सांसद भी पच्छाद के चनालग (बागथन) डॉक्टर वाइ एस परमार बने।

उसके बाद 1959 डॉक्टर परमार ने अपने पद से त्यागपत्र दे दिया। 1959 में हुये उपचुनाव में नाहन के रहने वाले शिवानंद रमौल सांसद बने, जो कि 1962 तक सांसद रहे। 1962 से 1977 तक नाहन विस की बनकला पंचायत के मालोवाला के प्रताप सिंह सांसद रहे। लोकसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी सुरेश कश्यप जिला सिरमौर के पांचवे सांसद बने है। लोकसभा चुनाव में 1952 से लेकर 1977 तक शिमला संसदीय क्षेत्र पर जिला सिरमौर का कब्जा रहा। 1952 से लेकर 1977 तक कांग्रेस पार्टी के ही सांसदों ने शिमला ससंदीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया।

1977 में शिमला संसदीय क्षेत्र से सिरमौर जिला के शिलाई विस क्षेत्र निवासी जालम सिंह को कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी को जनता पार्टी के बालक राम कश्यप से 85 हजार वोटों से हराया था। 1977 में पहली बार गैर कांग्रेसी सांसद बना। उसके बाद जिला सिरमौर को 1999 में कांग्रेस पार्टी ने फिर लोकसभा का टिकट दिया। कांग्रेस पार्टी ने 1999 में पच्छाद विधानसभा क्षेत्र के तत्कालीन विधायक गंगूराम मुसाफिर को टिकट देकर लोकसभा में कांग्रेस का प्रत्याशी बनाया। इस चुनाव में जीआर मुसाफिर को हिमाचल विकास कांग्रेस के डॉ. धनीराम शांडिल ने 46 हजार मतों से हारया था। भारतीय जनता पार्टी ने पहली बार जिला सिरमौर के सुरेश कश्यप को लोकसभा की शिमला संसदीय आरक्षित सीट के लिए प्रत्याशी बनाया था, जो कि भारी मतो से विजय हुये है। 

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