विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

खुले ट्रक में 1900 KM का सफर कर हिमाचल पहुंचे बंगाल टाइगर, श्रीरेणुकाजी में 1.67 करोड़ से बनाया स्पेशल बाड़ा

By Digital Desk Edited By: Rajesh Sharma
Published: Sun, 20 Sep 2026 04:27 PM (IST)Updated: Sun, 20 Sep 2026 04:48 PM (IST)

हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के श्रीरेणुकाजी में 12 साल बाद महाराष्ट्र से बंगाल टाइगर का एक जोड़ा पहुंचा है। करीब 1900 किलोमीटर का सफर तय कर आए।

महाराष्ट्र से हिमाचल पहुंचाया गया बंगाल टाइगर, इस ट्रक में लेकर आई टीम। जागरण

महाराष्ट्र से हिमाचल पहुंचाया गया बंगाल टाइगर, इस ट्रक में लेकर आई टीम। जागरण

HighLights

  1. श्रीरेणुकाजी में 12 साल बाद बंगाल टाइगर का जोड़ा पहुंचा।

  2. महाराष्ट्र के नागपुर से 1900 किलोमीटर का सफर तय किया।

  3. बाघों के लिए 1.67 करोड़ रुपये का अत्याधुनिक बाड़ा बना।

जागरण संवाददाता, नाहन। हिमाचल प्रदेश के पहाड़ों में बंगाली टाइगर की दहाड़ सुनाई देगी। जिला सिरमौर के श्रीरेणुकाजी में 12 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद रविवार दोपहर को महाराष्ट्र के नागपुर जिले के गोरेवाडा से नर व मादा टाइगर का जोड़ा पहुंचा। बंगाल टाइगर का जोड़ा शुक्रवार शाम करीब 6 बजे नागपुर के गोरेवाडा से वन्य प्राणी विंग शिमला डिवीजन के डीएफओ डॉ. शाहनवाज अहमद के नेतृत्व में 8 सदस्यीय टीम के साथ चला और रविवार दोपहर को जिला सिरमौर के श्रीरेणुकाजी पहुंचे।

खुले ट्रक में 1900 किमी का सफर 

टाइगर के शेड्यूल-वन श्रेणी में आने के कारण नेशनल जू अथॉरिटी के सख्त दिशा-निर्देशों का पालन किया जा रहा है। करीब 1900 किलोमीटर के सफर के लिए एक खुले ट्रक में विशेष इंतजाम किए गए थे। महाराष्ट्र से शुरू हुआ यह काफिला मध्य प्रदेश, राजस्थान और हरियाणा होते हुए ही हिमाचल के श्रीरेणुकाजी मिनी जू पहुंचा।

खत्म हुआ 12 वर्षों का इंतजार

सिरमौर जिला का श्रीरेणुकाजी मिनी जू, कुछ वर्षों पहले तक श्रीरेणुकाजी लायन सफारी के नाम से अपनी विशेष पहचान रखता था। उस समय करीब 27 शेरों की दहाड़ यहां गूंजती थी। इन शेरों को देखने के लिए देश प्रदेश से भारी संख्या में पर्यटक रोजाना यहां पंहुचते थे। 2012 यहां से शेरों का एक जोड़ा कांगड़ा के गोपालपुर जू में ले जाया गया, जबकि दो बूढ़े शेरों ने 2014 में यहां पर दम तोड़ दिया था। 

इसके बाद से करीब 12 वर्षों से लॉयन सफारी वीरान पड़ी थी। उसके बाद बंगाल टाइगर लाने के प्रयास पिछले 12 वर्षों से किए जा रहे थे।

Bengal Tiger Bada

1.67 करोड़ से बाड़ा तैयार

टाइगर जोड़े के रहने के लिए लिए श्रीरेणुकाजी वाइल्ड लाइफ सेंचुरी के मिनी जू में 1 करोड़ 67 लाख की लागत आधा हेक्टेयर भूमि पर अत्याधुनिक बाड़ा (एनक्लोजर) भी बनकर तैयार है।

 

यह भी पढ़ें: हिमाचल के एंट्री प्वाइंट पर बेकाबू रफ्तार का कहर: ट्राले ने कई लोगों और वाहनों को रौंदा, 2 की मौत व तीन घायल