संवाद सूत्र, राजगढ़ : इटरनल विश्वविद्यालय बडू साहिब के अकाल कॉलेज ऑफ नर्सिंग में नौवें दो दिवसीय अंतराष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ हुआ। युएसए के ड्रेक्सेल विश्वविद्यालय के सहयोग से इस सम्मेलन का आयोजन किया गया जा रहा है। इसका मुख्य विषय प्रपेक्ष्य में समग्र स्वास्थ्य के लिए सहयोगी दृष्टिकोण रखा गया। कार्यक्रम का शुभारंभ भाई गुरदास हाल में बाबा इकबाल सिंह ने स्मारिका लांच करते हुए किया। पहले दिन में दिल्ली, बेंगलूर, अफगानिस्तान, ओमान, सोलन, चंडीगढ़, राजस्थान और अन्य जगहों से आए नर्सिंग प्रोफेशनल ने भाग लिया। आइआइएचएमआर के डायरेक्टर डॉ. संजीव कुमार ने भारत में नॉन कम्युनिकेबल डिसीसेस एनसीडी को संबोधित करने में समग्र और सहयोगी दृष्टिकोण पर चर्चा की। बेंगलूर के केंपेगौडा कॉलेज ऑफ नर्सिंग की प्रिंसिपल डॉ. विटी लक्ष्मम्मा ने समुदाय में मधुमेह की जांच और जोखिम के सही मूल्यांकन करने के बारे में बताया। अपोलो हॉस्पिटल की डॉ. तरुणिका बावा ने डायबिटीज पेशेंट्स की जीवन शैली को नियंत्रित करने के लिए एक महत्वपूर्ण संशोधन करने कि प्रेरणा दी। दूसरे चरण में कैंसर पर चर्चा हुई। सबसे पहले रेकॉन दिल्ली की प्रिसिपल डॉ. हरिदरजीत गोयल ने इससे संबंधित जानकारी दी। बेंगलूर के डॉ. के ललिथा ने कैंसर से बचे लोगों की मनो सामाजिक चुनौतियां के बारें में बताया। तीसरे चरण में सुरक्षित गर्भावस्था और बच्चे के जन्म के विषय के बारें में चर्चा हुई। ड्रेक्सेल यूनिवर्सिटी युएसए की प्रोफेसर डॉ. जेन ग्रीन रयान, डॉ. अमरीश कपूर, डॉ. आर वसुंधरा, डॉ. मुकेश चंद्र शर्मा ने भी अपने विचार रखें।

Posted By: Jagran

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