शिमला, यादवेन्द्र शर्मा। कोरोना वायरस के कारण हालात सामान्य नहीं हुए हैं। इसलिए अभी योग सिखाने चीन न आएं। योग शिक्षक रजनीश को फोन पर यह बात चीन से उनकी कंपनी के प्रबंधकों ने कही। रजनीश निजी कंपनी जीटी फिटनेस में चीन के जिनान में करीब तीन साल से पत्नी श्रुति के साथ योग सिखाते हैं।

शिमला जिला की घैणी पंचायत के हलोट गांव निवासी रजनीश चीन से एक माह के अवकाश पर 12 जनवरी को हिमाचल आए थे। उन्होंने गुरुग्राम में साले के विवाह में शामिल होने के बाद 12 फरवरी को पत्नी श्रुति व एक वर्षीय बच्ची श्रेया के साथ चीन लौटना था। अब वह चीन नहीं जा सकेंगे। कंपनी ने उनके चीन लौटने की हवाई टिकट रद करवा दी है। कंपनी के प्रबंधकों ने उन्हें कहा कि कोरोना वायरस से हालात सामान्य होने पर हवाई टिकट बुक करवाकर उन्हें वापस बुला लिया जाएगा।

रजनीश के अलावा चीन से सात और योग शिक्षक हिमाचल लौटे हैं। ये लोग कोरोना वायरस फैलने के बाद आए थे। इन लोगों पर स्वास्थ्य विभाग की टीम नजर रखे हुए है। प्रदेश स्वास्थ्य विभाग के आदेश के अनुसार जो लोग 15 जनवरी के बाद कोरोना प्रभावित देशों से हिमाचल आए हैं, उन पर स्वास्थ्य विभाग की टीम नजर रख रही है।  

चीन न आने के लिए फोन आया था। चीन में योग सीखने व सिखाने वालों का वी-चैट ग्रुप बना है। कोरोना वायरस के कारण चीन में एक शहर से दूसरे शहर जाने पर रोक थी। कोरोना से बचाव के लिए वी-चैट के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जा रहा है। योग व व्यायाम से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। संक्रमण होने पर सब्जियां व दालें खाना बंद नहीं करनी चाहिए।

-रजनीश ठाकुर, योग शिक्षक

 कंपनी उठाती है बीमारी का खर्च

रजनीश ने कहा कि चीन में योग सिखाने के लिए हर दिन अलग-अलग शहरों में जाना पड़ता था। योग शिक्षक एक दिन में 20 से 30 किलोमीटर सफर कर योग सिखाते थे। कर्मचारी या उसके स्वजन के बीमार होने पर सारा खर्च कंपनी उठाती है। इसलिए वहां से योगगुरुओं को वापस भेज दिया गया। हमारे साथ उत्तराखंड के भी कुछ योग शिक्षक थे जो कोरोना वायरस फैलने के कारण वापस लौटे हैं।  

कोरोना प्रभावित देशों से लौटे 85 हिमाचली डॉक्टरों की निगरानी में

प्रदेश में कोरोना वायरस प्रभावित देशों से लौटे 85 हिमाचली डॉक्टरों की निगरानी में हैं। स्वास्थ्य विभाग ने चीन के वुहान से हिमाचल लौटे लोगों को निर्देश जारी किए हैं कि वे अपनी जांच करवाएं। कोरोना प्रभावित देशों से आए सभी लोगों के स्वास्थ्य पर डॉक्टर 28 दिनों के लिए उनके घर पर नजर रख रहे हैं। अभी तक प्रदेश में किसी व्यक्ति में कोरोना के लक्षण नहीं पाए गए हैं। चीन व कोराेना प्रभावित अन्य देशों से लौटे हिमाचिलयों का आंकड़ा 170 है। वहीं, टोल फ्री नंबर 104 पर जानकारी लेने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। लोग कोरोना के लक्षणों के साथ बचाव के संबंध में जानकारी ले रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी किए गए निर्देशों के तहत 15 जनवरी के बाद चीन से हिमाचल आने वालों को टोल फ्री नंबर 104 पर जानकारी देने को कहा गया है। जिन 85 लोगों के स्वास्थ्य पर नजर रखी जा रही है उनमें शिमला के 16, सोलन के 15, कांगड़ा के 12, बिलासपुर के आठ और अन्य जिलों 34 लोग शामिल हैं। 

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