जागरण संवाददाता, शिमला : हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के अंतरराष्ट्रीय दूरवर्ती शिक्षण एवं मुक्त अध्ययन केंद्र (इक्डोल) की मान्यता पर से संकट टलता नजर आ है। इक्डोल को अपनी ग्रेडिंग सुधारने के लिए दो साल का समय मिला है। दो साल में ग्रेडिंग में सुधार लाने के लिए उचित कदम उठाने होंगे। इसके साथ ही अब इक्डोल में शैक्षणिक सत्र 2018-19 के दौरान प्रवेश प्रक्रिया प्रभावित नहीं होगी। इक्डोल में वर्तमान में चल रहे विभिन्न कोर्सो में विद्यार्थी प्रवेश ले सकेंगे। नेक की ग्रेडिंग में इक्डोल को 3.21 प्वाइंट्स मिले थे, जबकि चाहिए 3.26 थे। फिर भी एचआरडी ने दो साल की छूट दे दी है अब यूजीसी पोर्टल लांच करेगा, जिस पर इक्डोल अपनी औपचारिकताएं पूरी करेगा। इसके बाद ही प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो पाएगी।

इससे यहा शिक्षा ग्रहण कर रहे विद्यार्थियों के अलावा अगले शैक्षणिक सत्र के दौरान वर्तमान में चल रहे कोर्सो में विद्यार्थी दाखिला प्राप्त कर सकेंगे। अगले दो साल में इक्डोल की ग्रेडिंग सुधारने के लिए अब एचपीयू सहित इक्डोल को कदम उठाने होंगे। इक्डोल के पास अभी 3.21 प्वाइंट्स हैं, जबकि अगले दो साल में अब इक्डोल प्रबंधन को इस दिशा में सुधार करना होगा और कम से कम 3.26 प्वाइंट्स हासिल करने होंगे, ताकि भविष्य में नए कोर्स शुरू कर सकें। देश में चल रहे विभिन्न दूरवर्ती शिक्षण केंद्रों पर नकेल कसने के लिए यूजीसी ने ऑर्डिनेंस तैयार किया है। इसके तहत मान्यता के लिए 3.26 प्वाइंट्स की शर्त भी रखी गई है। यूजीसी के पास देशभर से दूरवर्ती शिक्षा के नाम पर फर्जी तौर पर डिग्री वितरण की शिकायतें आ रही थी, जिसके बाद नियमों को कड़ा किया गया है। निदेशक इक्डोल डॉ. कुलबंद पठानिया ने कहा कि एचआरडी ने दो साल की छूट दी है। अब प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो पाएगी।

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