हिमाचल में शिक्षकों के प्रमोशन में बाधा नहीं बनेगा TET, सुप्रीम कोर्ट ने दिए निर्देश
हिमाचल में लंबित शिक्षक पदोन्नतियों में टीईटी बाधा नहीं बनेगा, सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के अनुसार यह केवल उन्हीं पदों ...और पढ़ें
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प्रमोशन में बाधा नहीं बनेगा टेट, शिक्षकों ने पदोन्नति सूची जारी करने की उठाई मांग।
HighLights
टीईटी लंबित पदोन्नतियों में बाधा नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने किया स्पष्ट
टीईटी केवल उन्हीं पदों पर लागू, जहां नियमों में अनिवार्य है
शिक्षकों ने 749 टीजीटी, 600 हेडमास्टर, 560 जेबीटी पदोन्नति की मांग
राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल में लंबित पदोन्नतियों पर शिक्षक पात्रता परीक्षा (टेट) की कोई बाधा नहीं है। सुप्रीम कोर्ट के द्वारा टेट यानी शिक्षक पात्रता परीक्षा से जुड़े निर्णय में इसे मौजूदा भर्ती पदोन्नति नियमों के अनुसार ही लगाने के निर्देश दिए हैं।
राज्य सरकार 749 टीजीटी को प्रवक्ता, 600 टीजीटी को हेडमास्टर, 560 जेबीटी और सीएंडवी शिक्षकों को टीजीटी प्रमोट करे। राजकीय टीजीटी कला संघ प्रदेश महासचिव विजय हीर ने राज्य सरकार से मांग की है कि भर्ती एवं पदोन्नति नियमों (आर एंड पी रूल्स) में टीईटी केवल उन शिक्षकीय वर्गों के लिए अनिवार्य योग्यता के रूप में निर्धारित है, जिनमें विशेष शिक्षक, जेबीटी, टीजीटी (आर्ट्स), टीजीटी (मेडिकल), टीजीटी (नॉन-मेडिकल), टीजीटी (हिंदी), टीजीटी (संस्कृत), टीजीटी (पंजाबी) तथा टीजीटी (उर्दू) शामिल हैं।
हेड टीचर, हेडमास्टर, प्रिंसिपल, बीईईओ, सीएचटी, ड्राइंग मास्टर, पीईटी, डीपीई, कंप्यूटर शिक्षक, प्रवक्ता (लेक्चरर) एवं अन्य अनेक पदों के लिए वर्तमान आर एंड पी नियमों में टीईटी अनिवार्य योग्यता के रूप में निर्धारित नहीं है। इसलिए सुप्रीम कोर्ट का निर्णय उन्हीं पदों एवं श्रेणियों पर लागू होगा, जहां संबंधित नियमों में टीईटी को आवश्यक योग्यता के रूप में अधिसूचित किया गया है।
किसी भी पद के लिए बिना नियम संशोधन के केवल न्यायालय के निर्णय के आधार पर टीईटी की नई अनिवार्यता नहीं जोड़ी जा सकती। राज्य सरकार इस फैसले का विधिक अध्ययन करे और पदोन्नति बारे विधिक प्रकोष्ठ से स्पष्टीकरण जारी करे। इससे हजारों सेवारत शिक्षकों को राहत मिलेगी।
