राज्य ब्यूरो, शिमला : विधानसभा चुनाव में हारे नेताओं को प्रदेश भाजपा ने लोकसभा चुनाव में बढ़त दिलाने की जिम्मेदारी सौंपी है। यही 2023 में होने वाले विधानसभा चुनाव में टिकट का आधार भी बनेगा। अब ऐसे नेताओं को साबित करना होगा कि मतदाताओं में उनकी कितनी पैठ है। यदि बढ़त नहीं दिला पाए तो चुनावी दौड़ में पिछड़ सकते हैं।

शिमला के पीटरहॉफ में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती व संगठन महामंत्री पवन राणा ने 23 सीटों पर हारे पार्टी प्रत्याशियों का लोकसभा चुनाव के लिए मैदान में जुट जाने का आह्वान किया।

बैठक में भाजपा प्रत्याशियों के नामांकन दाखिल करने से पहले हर बूथ मजबूत करने को कहा गया। इसके साथ जिला परिषद वार्ड में बैठकें होंगी। सभी मोर्चो के सम्मेलन कर कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने का जिम्मा सौंपा गया है। ऐसे में जो नेता लोकसभा चुनाव में बढ़त दिलाता है, उसका रिपोर्ट कार्ड पॉजिटिव होगा। 11 प्रत्याशी बैठक में शामिल

2017 में विधानसभा चुनाव हारने वाले 11 नेता बैठक में शामिल हुए। अर्की से रतन सिंह पाल, सोलन से राजेश कश्यप, रोहडू से शशि बाला, शिमला ग्रामीण से डॉ. प्रमोद शर्मा, डलहौजी से डीएस ठाकुर और हरोली से प्रो. राम कुमार शामिल हुए। पिछली विधानसभा में विधायक रह चुके वरिष्ठ नेताओं में श्री नयना देवी जी से रणधीर शर्मा, नालागढ़ से केएल ठाकुर, शिलाई से बलदेव सिंह तोमर, नादौन से विजय अग्निहोत्री बैठक में शामिल हुए। पूर्व विधायक एवं किन्नौर से प्रत्याशी रहे तेजवंत सिंह नेगी भी बैठक में पहुंचे। ये नेता नहीं पहुंचे

बड़े नेताओं में शामिल महेश्वर सिंह, कृपाल परमार, राकेश वर्मा, बलदेव शर्मा बैठक में नहीं पहुंचे। रामपुर से प्रेम सिंह द्रैक, श्री रेणुका जी से बलबीर सिंह चौहान, पालमपुर से इंदु गोस्वामी, कांगड़ा से संजय चौधरी बैठक में नहीं पहुंचे।

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