वीकेंड पर शिमला की सड़कें जाम, 10 मिनट का सफर 45 में; पहाड़ पर छूटे सैलानियों के पसीने
हिमाचल प्रदेश में बरसात थमने और वीकेंड के कारण शिमला में पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ी, जिससे शहर में यातायात का दबाव बढ़ गया।

शिमला के कार्टरोड पर लगी वाहनों की लंबी कतारें। जागरण
HighLights
वीकेंड पर शिमला में पर्यटकों की भारी भीड़ से यातायात प्रभावित हुआ।
ढली-संजौली मार्ग पर टारिंग कार्य ने जाम की समस्या बढ़ाई।
सामान्य 10 मिनट का सफर 45 मिनट में पूरा करना पड़ा।
जागरण संवाददाता, शिमला। हिमाचल प्रदेश में बरसात का मौसम थमने और वीकेंड होने के कारण भारी तादाद में पर्यटक पहुंचने लगे हैं। वीकेंड पर शनिवार को हजारों सैलानियों ने शिमला का रुख किया। इस कारण शहर में वाहनों की संख्या बढ़ने के कारण यातायात दबाव बढ़ गया। वहीं, सड़क निर्माण और टारिंग कार्य ने समस्या को और बढ़ा दिया। सैलानियों सहित स्थानीय लोगों के भी जाम में पसीने छूट गए।
शहर में जगह-जगह जाम
राजधानी शिमला में शनिवार को जगह-जगह लगे ट्रैफिक जाम ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी। ढली से संजौली मार्ग पर टारिंग का काम चलने के कारण वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही। सड़क पर काम के कारण कई स्थानों पर वाहनों को धीमी गति से गुजरना पड़ा, जिससे देखते ही देखते वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। इसका असर आसपास के संपर्क मार्गों पर भी देखने को मिला।
10 मिनट का सफर 45 मिनट में
ढली-संजौली मार्ग पर टारिंग का काम होने के कारण वाहन चालकों को काफी देर तक जाम में फंसे रहना पड़ा। आम दिनों में जिस दूरी को तय करने में 5 मिनट लगते हैं, शनिवार को उसी रास्ते को पार करने में लोगों को 40 से 45 मिनट तक का समय लग गया। जाम के कारण स्थानीय लोगों के साथ-साथ शहर में आने वाले पर्यटकों और अन्य वाहन चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
कार्ट रोड पर दिनभर जाम
उधर, कार्ट रोड पर भी दिनभर वाहनों की आवाजाही अधिक रहने के कारण लंबी कतारें देखने को मिलीं। कई जगह वाहनों की रफ्तार बेहद धीमी रही। एक मार्ग पर यातायात दबाव बढ़ने का असर दूसरे मार्गों पर भी पड़ा और वाहन चालक काफी समय तक जाम में फंसे रहे। इससे लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में सामान्य से कई गुना अधिक समय लगा।
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि सड़क की टारिंग का काम यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए किया जाए। काम के दौरान यातायात को सुचारू रखने के लिए पर्याप्त व्यवस्था की जाए, ताकि लोगों को अनावश्यक रूप से लंबे समय तक जाम में न फंसना पड़े।
