शिमला में लापता पिता का 7वें दिन सतलुज में मिला शव, बेटी का नहीं सुराग; गाड़ी से नदी मैं कैसे पहुंचा कुलदीप?
शिमला के सुन्नी में 7 दिन से लापता पिता-बेटी के मामले में सतलुज नदी से पिता कुलदीप का शव बरामद ...और पढ़ें

शिमला में लापता पिता का शव मिल गया है, जबकि बेटी लापता है। प्रतीकात्मक फोटो
HighLights
शिमला में 7 दिन बाद लापता पिता का शव मिला।
सतलुज नदी से कुलदीप का शव बरामद, बेटी लापता।
पुलिस मौत की वजह और बेटी की तलाश में जुटी।
जागरण संवाददाता, शिमला। जिला शिमला में सुन्नी के ओगली से 7 दिन पहले लापता पिता-बेटी के मामले में रविवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। पुलिस ने तलाशी अभियान के दौरान सतलुज नदी से पिता कुलदीप का शव बरामद कर लिया है। हालांकि उनकी 18 वर्षीय बेटी स्नेहा का अभी तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। पुलिस और बचाव दल की ओर से स्नेहा की तलाश के लिए नदी और आसपास के क्षेत्रों में अभियान जारी है।
कुलदीप गाड़ी से नदी में कैसे पहुंच गया, यह बड़ा सवाल है। पुलिस मामले की गहनता से पड़ताल कर रही ह
जानकारी के अनुसार 12 सितंबर की रात कुलदीप अपनी बेटी स्नेहा के साथ पिकअप गाड़ी में कुमारसैन की ओर गए थे। देर रात करीब डेढ़ बजे उन्होंने पत्नी को फोन कर बताया था कि वे पंदोआ पहुंच गए हैं और करीब 10 मिनट में घर पहुंच जाएंगे। इसके बाद दोनों के मोबाइल फोन बंद हो गए थे। बाद में उनकी पिकअप ओगली के पास सड़क किनारे लावारिस हालत में मिली थी। वाहन का कंडक्टर साइड का शीशा भी टूटा हुआ था।
नहीं मिली कोई वस्तु
रविवार को सातवें दिन पुलिस को सतलुज नदी में कुलदीप का शव मिला। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए आइजीएमसी भेज दिया है। खास बात यह है कि शव के पास मोबाइल फोन या ऐसी कोई अन्य वस्तु नहीं मिली, जिससे घटना के संबंध में तत्काल कोई स्पष्ट जानकारी मिल सके।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज
अब पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। रिपोर्ट से यह स्पष्ट करने में मदद मिलेगी कि कुलदीप की मौत नदी में डूबने के कारण हुई या उनकी मौत पहले हुई थी और बाद में शव को सतलुज नदी में फेंका गया। पुलिस मामले के हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। वहीं, स्नेहा की तलाश भी लगातार जारी है। पिता का शव मिलने के बाद परिवार की चिंता और बढ़ गई है और अब बेटी के सुरक्षित होने को लेकर सभी की नजर पुलिस की तलाश पर टिकी है।
