शिमला शहर से बाहर शिफ्ट होगी सब्जी मंडी और बाजार, 2 जगह जमीन की तलाश; भीड़ कम करने की तैयारी
शिमला में बढ़ती भीड़ और यातायात दबाव कम करने के लिए प्रमुख बाजारों को शहर से बाहर स्थानांतरित करने की तैयारी है। इसके लिए जमीन चिह्नित की गई है।

शिमला शहर को भीड़ व ट्रैफिक से निजात मिलेगी। प्रतीकात्मक फोटो
HighLights
शिमला के प्रमुख बाजार शहर से बाहर होंगे स्थानांतरित।
भीड़ और यातायात दबाव कम करना मुख्य उद्देश्य।
मल्याणा और शोघी में जमीन चिह्नित, आकलन जारी।
जागरण संवाददाता, शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में बढ़ती भीड़ और यातायात के दबाव को कम करने के लिए सब्जी मंडी, गंज मंडी, मीट मार्केट और ऑटोमोबाइल मार्केट सहित प्रमुख बाजार को शहर से बाहर स्थानांतरित करने की तैयारी है। इन सभी बाजार को एक ही स्थान पर विकसित करने का प्रस्ताव है, ताकि शहर के मुख्य हिस्सों में वाहनों की आवाजाही कम हो और लोगों को बार-बार लगने वाले जाम से राहत मिल सके।
दो जगह जमीन चिह्नित
इसके लिए प्रशासन ने मल्याणा व शोघी में जमीन चिह्नित की है। इनमें से किस स्थान पर बाजार को विकसित करना बेहतर रहेगा, इसका आकलन कर अंतिम प्रस्ताव तैयार किया जाएगा।
योजना पर मंथन
नगर निगम आयुक्त सचिन कंवल की अध्यक्षता में शुक्रवार को बैठक हुई। इसमें शहरी एसडीएम सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में बाजार को शहर से बाहर शिफ्ट करने की योजना पर विस्तार से चर्चा की गई। अब नगर निगम इस रिपोर्ट को जिला प्रशासन को सौंपेगा।
उपायुक्त शिमला को सौंपी जाएगी रिपोर्ट
दोनों चिह्नित स्थानों पर उपलब्ध जमीन और बाजारों को एक जगह स्थापित करने की संभावनाओं पर विचार किया गया। अब दोनों स्थानों का आकलन कर यह तय किया जाना है कि बाजारों को विकसित करने के लिए कौन सी जगह अधिक उपयुक्त रहेगी। इसके बाद पूरी योजना की रिपोर्ट तैयार कर उपायुक्त शिमला को सौंपी जाएगी। बाजारों को शिफ्ट करने और स्थान को अंतिम रूप देने का फैसला जिला प्रशासन की ओर से लिया जाना प्रस्तावित है।
शहर में वाहनों की आवाजाही कम करने की योजना
शिमला शहर में सब्जी मंडी, गंज मंडी और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के एक ही क्षेत्र में संचालित होने से दिनभर लोगों और वाहनों की आवाजाही बनी रहती है। सब्जियों, फल और अन्य सामान की खरीदारी के लिए बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंचते हैं। वहीं, माल ढुलाई करने वाले वाहनों की आवाजाही से भी यातायात पर दबाव बढ़ता है। इससे शहर के व्यस्त क्षेत्रों में जाम की समस्या पैदा होती है।
प्रशासन का मानना है कि इन बाजारों को शहर से बाहर एक ही स्थान पर विकसित करने से मुख्य शहर में भीड़ कम करने में मदद मिल सकती है। साथ ही बाजारों में सामान की ढुलाई और खरीदारी के लिए आने वाले वाहनों को व्यवस्थित करने की सुविधा भी मिल सकती है।
