सेब के बाद कीवी करेगा बागवानों को मालामाल, शिमला में 200 रुपये तक मिल रहा भाव; दिल्ली तक सप्लाई
ऊपरी शिमला में सेब सीजन के बाद अब कीवी का सीजन शुरू हो गया है, जिससे बागवानों को 150 से ...और पढ़ें

शिमला में सेब के बाद कीवी का सीजन शुरू हो गया है। प्रतीकात्मक फोटो
HighLights
ऊपरी शिमला में सेब के बाद कीवी का सीजन।
बागवानों को 150-200 रुपये प्रति किलो मिल रहे।
कीवी विटामिन सी, एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर, स्वास्थ्य के लिए।
जागरण संवाददाता, शिमला। सेब सीजन खत्म होने के बाद अब ऊपरी शिमला में कीवी का सीजन शुरू हो गया है। ऊपरी शिमला के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ही कीवी पाई जाती है। किसानों को मंडी में इसके अच्छे दाम मिल रहे हैं। मंडी में 150 से 200 रुपये प्रतिकिलो तक कीवी बिक रही है। ऊपरी शिमला के कुछ ही क्षेत्रों में इस फल को लगाया जाता है। सेब की तरह पेड़ नहीं बल्कि यह फल बेल पर लगता है।
कीवी फल अक्टूबर से नवंबर तक पककर तैयार हो जाता है। ये छोटे फल होते हैं, जिसके स्वास्थ्य के लिए भी काफी गुणकारी माना जाता है। ये खट्टा व मीठा होता है। हलके छोटे काले बीज खाने योग्य होते हैं। सेब के मुकाबले इसका सीजन काफी कम होता है, लेकिन इस पर ज्यादा मेहनत भी बगावानों को नहीं करनी होती है।
शिमला से दिल्ली तक सप्लाई
मूल रूप से इसे फलों के सीजन का अंतिम दौर पहाड़ी क्षेत्र में माना जाता है। इसकी सप्लाई शिमला से लेकर दिल्ली तक भेजी जाती है। कीवी में विटामिन सी होता है। इस कारण इसका सेवन करने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है। साथ ही ये एंटी आक्सीडेंट से भरपूर होते हैं। एंटी आक्सीडेंट शरीर के अंदर मौजूद मुक्त कणों को खत्म करता है। तनाव को भी कम करने में मदद करता है।
दिल के मरीजों के लिए कीवी के फायदे
कीवी की पोटेशियम सामग्री हृदय स्वास्थ्य का समर्थन करती है। सोडियम में कमी के साथ कीवी का सेवन हृदय रोग को कम करने में मदद करता है। पोटेशियम रक्त को पतला करने और थक्कों को हटाने की प्रक्रिया में सहायता के लिए जाना जाता है। कीवी फल में एक एंटी आक्सीडेंट पालीफेनोल होता है जिसे क्वेरसेटिन के रूप में जाना जाता है जो हृदय रोग के जोखिम को कम करने में मदद करता है।
