शिमला में मिठाई की दुकानों में कॉकरोच, फेस्टिवल सीजन में सेहत से खिलवाड़; सफाई और मिलावटखोरी पर विभाग का शिकंजा
त्योहारी सीजन में शिमला में खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिठाई की दुकानों का निरीक्षण किया, जहाँ कॉकरोच और गंदगी पाई ...और पढ़ें

शिमला में मिठाई की दुकान का निरीक्षण करती टीम। जागरण
HighLights
शिमला में मिठाई की दुकानों में कॉकरोच मिले।
गंदगी और खुले में रखे खाद्य पदार्थ पाए गए।
खराब मिठाइयां और पनीर के सैंपल फेल हुए।
जागरण संवाददाता, शिमला। त्योहारी सीजन में शिमला शहर में लोगों की सुरक्षा से खिलवाड़ हो रहा है। राजधानी शिमला में शनिवार को खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने शहर में कई दुकानों का निरीक्षण किया। इस दौरान कई मिठाई की दुकानों में काकरोच पाए गए और दुकानों में गंदगी का आलम था। कई दुकानों में मिठाईयां एवं अन्य खाद्य पदार्थ खुले में रखे गए थे। इनमें कीड़े मकौड़े गिरे होने की संभावना थी। इसके अलावा कई मिठाईयां खराब पाई गईं।
फलों की गुणवत्ता भी सवालों के घेरे में थी विभाग की टीम ने खराब मिठाइयां मौके पर ही फेंकवा दी और खराब फलों को भी कूड़ेदान में फेंक दिया गया। वहीं दुकानदारों को सख्त चेतावनी दी गई है।
फेस्टिवल सीजन में चेकिंग तेज
त्यौहारी सीजन में लोगों को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध करवाने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। दुकानों और खाद्य पदार्थ बनाने वाली इकाइयों में निरीक्षण के दौरान गंदगी और खुले में रखे खाने की चीजें मिलने पर मौके पर ही इन्हें नष्ट करने के निर्देश दिए गए हैं।
वहीं, जांच के लिए लिए गए मिठाइयों और पनीर के कुछ सैंपल निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि दिवाली तक यह अभियान लगातार जारी रहेगा, ताकि मिलावटी मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की बिक्री पर नकेल कसी जा सके।
पनीर के सैंपल भी मानकों पर खरे नहीं
जांच के लिए लिए गए मिठाइयों और पनीर के कुछ सैंपल निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं। जिन प्रतिष्ठानों में कमियां पाई गई हैं, उन्हें नोटिस जारी कर सुधार का अवसर भी दिया जाएगा। विजया ने लोगों से अपील की कि त्योहारों के दौरान खासकर ज्यादा रंग वाली मिठाइयां खरीदने से बचें।
उन्होंने कहा कि कुछ कारोबारी खाद्य पदार्थों में प्रतिबंधित रंगों का इस्तेमाल कर रहे हैं, जो स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं। ऐसे में लोगों को चमक-दमक वाली मिठाइयों के बजाय बिना कृत्रिम रंग वाली और कम प्रोसेस्ड मिठाइयों को प्राथमिकता देनी चाहिए।
क्या कहते हैं अधिकारी
त्योहारी सीजन में खाद्य पदार्थ बेचने वाले प्रतिष्ठानों से लेकर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स तक का निरीक्षण किया जा रहा है, ताकि लोगों को स्वच्छ, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री मिल सके। निरीक्षण के दौरान कुछ प्रतिष्ठानों में गंदगी पाई गई और खाद्य पदार्थ खुले में रखे हुए मिले, जिससे उनमें जीव-जंतु गिरने और खाने के दूषित होने का खतरा रहता है। ऐसे मामलों में मौके पर ही निर्देश देकर असुरक्षित खाद्य सामग्री को नष्ट करवाने की कार्रवाई की गई।
-डा. विजया सहायक आयुक्त खाद्य आपूर्ति विभाग।
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