राजस्व के लंबित मामलों की हर शनिवार को होगी समीक्षा, एसीएस हिमाचल को रिपोर्ट देंगे उपायुक्त
हिमाचल प्रदेश में लंबित राजस्व मामलों के निपटारे के लिए प्रशासन ने निगरानी और जवाबदेही मजबूत की है। शिमला जिले में अब हर शनिवार को लंबित मामलों की समीक्षा होगी।

उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप। जागरण आर्काइव
HighLights
शिमला में लंबित राजस्व मामलों की हर शनिवार को होगी समीक्षा।
उपायुक्त एसीएस (राजस्व) को उसी दिन प्रगति रिपोर्ट देंगे।
तकसीम सहित अन्य लंबित मामलों के निपटारे में आएगी तेजी।
जागरण संवाददाता, शिमला। हिमाचल प्रदेश में लंबित राजस्व मामलों के निस्तारण को लेकर प्रशासन ने निगरानी और जवाबदेही की व्यवस्था और मजबूत कर दी है। शिमला जिले में अब लंबित मामलों की प्रगति की हर शनिवार समीक्षा होगी। शिमला के उपायुक्त को उसी दिन रिपोर्ट अतिरिक्त मुख्य सचिव (राजस्व) को देनी होगी। नियमित समीक्षा के जरिए देखा जाएगा कि तकसीम समेत अन्य लंबित राजस्व मामलों के निस्तारण में कितनी प्रगति हुई और किन स्तर पर देरी हुई है।
शिमला जिले में तकसीम के मामलों का लंबित रहना पहले भी प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती रहा है। आधिकारिक बैठकों में सामने आए आंकड़ों के अनुसार जिले में करीब 655 तकसीम मामले लंबित थे। इन मामलों को प्राथमिकता से निपटाने के लिए उपायुक्त अनुपम कश्यप ने अधिकारियों को निर्देश दिए।
समन देने व पैमाइश में न हो अनावश्यक देरी
राजस्व मामलों में देरी और लोगों की लगातार शिकायतों को देखते हुए जिला प्रशासन पहले ही फील्ड स्टाफ को निर्देश दे चुका है। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि पटवारी और कानूनगो समन जारी करने, पैमाइश कराने या अन्य जरूरी प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न करें। यदि किसी स्तर पर जानबूझकर मामलों को लंबित रखने या लापरवाही की शिकायत सामने आती है तो संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी
अब हर सप्ताह शनिवार को होने वाली समीक्षा से राजस्व अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी। समीक्षा में लंबित मामलों की संख्या, सप्ताह के दौरान निपटाए गए मामलों और देरी के कारणों पर भी नजर रहेगी। प्रशासनिक स्तर पर माना जा रहा है कि नियमित निगरानी से लंबे समय से लंबित तकसीम और अन्य राजस्व मामलों के निस्तारण की गति तेज होगी।
जनता के लिए महत्वपूर्ण कदम
जमीन और संपत्ति से जुड़े मामलों में देरी आम लोगों के लिए बड़ी परेशानी बनती है। कई मामलों में तकसीम न होने से परिवारों और भूमि मालिकों को वर्षों तक इंतजार करना पड़ता है। ऐसे में शिमला जिले में हर शनिवार होने वाली प्रगति समीक्षा को लंबित राजस्व मामलों के तेजी से निस्तारण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
