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600 KM चलकर शिमला पहुंची सवर्ण यात्रा: सचिवालय के बाहर पुलिस से धक्का-मुक्की, बैरिकेड तोड़े; क्रेट सिर पर मारा

By Digital Desk Edited By: Rajesh Sharma
Published: Thu, 22 Oct 2026 05:00 PM (IST)Updated: Thu, 22 Oct 2026 05:18 PM (IST)

राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी की सवर्ण पदयात्रा मनाली से 600 किमी का सफर तय कर शिमला पहुंची, जहां सचिवालय के बाहर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई।

HighLights

  1. सवर्ण पदयात्रा 600 किमी चलकर शिमला पहुंची।

  2. सचिवालय के बाहर पुलिस से प्रदर्शनकारियों की झड़प।

  3. यूजीसी नियम वापसी और आर्थिक आरक्षण की मांग।

जागरण संवाददाता, शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में बवाल हो गया। राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी की सवर्ण पदयात्रा वीरवार को मनाली से 600 किलोमीटर का सफर तय कर शिमला पहुंची। बड़ी संख्या में सचिवालय के बाहर प्रदर्शनकारियों ने चक्का जाम किया, जिससे शिमला की सड़कों पर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं। स्थिति को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हो गई।

बैरिकेड तोड़ दिए और एक क्रेट उठाकर पुलिस जवानों के सिर पर मार दिया। पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इस दौरान भारी बवाल हुआ। 

यूजीसी नियमों को वापस लेने की मांग

राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रुमित सिंह ठाकुर और करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने प्रदर्शन के दौरान यूजीसी के नियमों को वापस लेने और सामान्य वर्ग के लिए आयोग का गठन करने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि सामान्य वर्ग के लोगों से जुड़े मुद्दों को लेकर उनकी पार्टी का गुस्सा भाजपा और कांग्रेस, दोनों के खिलाफ है।

जयराम और सुक्खू निशाने पर लिए

राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रुमित सिंह ठाकुर और करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने गलत नियम बनाए, लेकिन कांग्रेस ने भी उनका विरोध नहीं किया। पार्टी नेताओं ने पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और मौजूदा मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू को भी निशाने पर लिया।

आर्थिक आधार पर हो आरक्षण

राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी के नेताओं ने आरोप लगाया कि सामान्य वर्ग के कई लोगों के खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज किए जाते हैं। उन्होंने यूजीसी के नियमों पर सवाल उठाते हुए कहा कि इनके जरिए देश में हिंदुओं को बांटने का काम किया जा रहा है। नेताओं ने मांग की कि देश में आरक्षण जाति के आधार पर नहीं, बल्कि आर्थिक आधार पर होना चाहिए। 

दिल्ली कूच का एलान

प्रदर्शन के दौरान पार्टी नेताओं ने साफ किया कि उनकी मांगों को लेकर आंदोलन आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने ऐलान किया कि आने वाले समय में आंदोलन को और बड़ा रूप दिया जाएगा। इसके साथ ही 10 जनवरी को दिल्ली कूच करने की घोषणा भी की।

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