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IPS संजीव गांधी के विरुद्ध FIR दर्ज, SP शिमला रहते कॉन्स्टेबल के 1.87 लाख रुपये भुगतान में गड़बड़ी का आरोप

By Digital Desk Edited By: Rajesh Sharma
Published: Thu, 22 Oct 2026 04:22 PM (IST)Updated: Thu, 22 Oct 2026 04:43 PM (IST)

शिमला के पूर्व एसएसपी संजीव गांधी के खिलाफ धोखाधड़ी और सरकारी धन के कथित दुरुपयोग के आरोप में मामला दर्ज ...और पढ़ें

आईपीएस संजीव गांधी के विरुद्ध एफआईआर दर्ज हुई है। जागरण आर्काइव

आईपीएस संजीव गांधी के विरुद्ध एफआईआर दर्ज हुई है। जागरण आर्काइव

HighLights

  1. पूर्व एसएसपी संजीव गांधी पर धोखाधड़ी, फंड दुरुपयोग का आरोप।

  2. कॉन्स्टेबल की शिकायत पर शिमला में मामला दर्ज हुआ।

  3. ₹2.35 लाख की अवैध निकासी, भुगतान में गड़बड़ी का दावा।

जागरण संवाददाता, शिमला। हिमाचल प्रदेश के शिमला जिला में तत्कालीन एसएसपी रहे संजीव गांधी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। उनके खिलाफ धोखाधड़ी, सरकारी धन के कथित दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप में सदर थाने में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस लाइन कैथू में तैनात एक कॉन्स्टेबल की शिकायत पर यह मामला दर्ज किया गया है। 

जेब से खर्च करवाकर भुगतान नहीं किया 

शिकायत के अनुसार, वर्ष 2024 और 2025 में कॉन्स्टेबल को सरकारी कार्यों और व्यवस्थाओं के लिए सामान जुटाने की जिम्मेदारी दी गई थी। इसके लिए उन्हें अपनी जेब से खर्च करने और बाद में भुगतान करने का आश्वासन दिया गया था। कॉन्स्टेबल ने इस दौरान कुल 1,87,890 रुपये खर्च किए। बाद में बिल कार्यालय में जमा करवाए गए, जिन्हें जांच के बाद भुगतान के लिए स्वीकृति मिल गई थी। हस्ताक्षर करने के बावजूद उन्हें भुगतान नहीं किया गया।

फंड से निकले 2.35 लाख रुपये का हिसाब नहीं

शिकायतकर्ता के अनुसार, जुलाई 2026 में जानकारी जुटाने पर पता चला कि संबंधित राशि फंड से निकाली जा चुकी थी, लेकिन उनके खाते में जमा नहीं हुई। इसके बाद वित्तीय रिकॉर्ड की जांच की गई। जांच में प्रथम दृष्टया जिला पुलिस के एक फंड से करीब दो वर्षों के दौरान कुल 2.35 लाख रुपये की अवैध निकासी के तथ्य सामने आने का दावा किया गया है। आरोप है कि इस राशि के खर्च का रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है।

फंड की कमी पूरी करने के लिए राशि ट्रांसफर करने का आरोप

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि संजीव कुमार गांधी का एसएसपी शिमला पद से कार्मिक विभाग में स्थानांतरण होने के दौरान फंड की कमी पूरी करने के लिए कॉन्स्टेबल के बिलों की स्वीकृत राशि निकालकर उन्हें भुगतान करने के बजाय संबंधित फंड के खाते में स्थानांतरित कर दी गई। इससे कॉन्स्टेबल को स्वीकृत राशि नहीं मिली और उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।

पुलिस ने जोड़ी ये धाराएं

पुलिस ने इन तथ्यों के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 316(5), 314, 318, 336 और 340 के तहत मामला दर्ज किया है। मामले की जांच जारी है। आरोपों की पुष्टि जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही होगी।

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