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शिमला में तेंदुए के 85 नाखून और दांत बरामद, ज्वेलरी शॉप में क्यों रखे थे अंग? वन विभाग ने चलाया ऑपरेशन ‘क्लॉइंग बैक’

By Chaitanya Thakur Edited By: Rajesh Sharma
Published: Tue, 10 Feb 2026 07:01 PM (IST)Updated: Tue, 10 Feb 2026 07:03 PM (IST)

शिमला के रोहड़ू में वन विभाग ने 'ऑपरेशन क्लॉइंग बैक' के तहत ज्वेलरी दुकानों पर छापा मारा। इस कार्रवाई में ...और पढ़ें

HighLights

  1. रोहड़ू में वन विभाग का 'ऑपरेशन क्लॉइंग बैक' अभियान।

  2. ज्वेलरी दुकानों से तेंदुए के 85 नाखून, 5 दांत बरामद।

  3. वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई शुरू।

संवाद सूत्र, रोहड़ू (शिमला)। हिमाचल प्रदेश के जिला शिमला में बड़े स्तर पर जंगली जानवरों के अंगों की तस्करी का मामला सामने आया है। रोहड़ू में वन्यजीव संरक्षण को लेकर वन विभाग ने पहली बार ऑपरेशन ‘क्लॉइंग बैक’ के तहत बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। मंगलवार सुबह साढ़े 10 बजे से दोपहर एक बजे तक रोहड़ू में विभिन्न जगह ज्वेलरी की दुकानों पर एक साथ दबिश देकर इस अवैध कारोबार की कमर तोड़ दी।

कार्रवाई के दौरान तेंदुए के 85 नाखून और पांच दांत के साथ दुर्लभ पक्षियों के पंख बरामद किए हैं, जो वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत पूर्णतः प्रतिबंधित हैं।

गुप्त सूचना के आधार पर की गई इस कार्रवाई में वन विभाग की 12 डिप्टी रेंजरों की विशेष टीम शामिल रही। टीम ने शहर के अलग-अलग इलाकों में स्थित छह ज्वेलरी दुकानों की गहन जांच की।

क्यों रहती है इनकी डिमांड

जांच के दौरान दुकानों में छिपाकर रखे गए तेंदुए के नाखून और दांत मिले, जिन्हें कथित तौर पर ताबीज, लॉकेट और आभूषणों में सजावट के लिए इस्तेमाल किया जाना था। सूत्रों के अनुसार, इन वस्तुओं की मांग अंधविश्वास के चलते बनी रहती है, जिसे कुछ दुकानदार अवैध मुनाफे का जरिया बना रहे थे।

क्या कहते हैं वन अधिकारी

डीएफओ रोहड़ू रवि शंकर शर्मा ने बताया कि बरामद समस्त सामग्री को मौके पर ही कब्जे में ले लिया गया है और संबंधित दुकानदारों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि तेंदुआ संरक्षित वन्यजीव है और इसके किसी भी अंग को रखना, खरीद-बिक्री या प्रदर्शन करना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

जारी रहेगी विभाग की मुहिम

वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई केवल शुरुआत है। ऑपरेशन ‘क्लॉइंग बैक’ के तहत आने वाले दिनों में रोहड़ू और आसपास के इलाकों में निरंतर छापामारी की जाएगी, ताकि वन्यजीवों के अवैध शिकार, तस्करी और अंधविश्वास से जुड़े काले कारोबार पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सके। 

विभाग ने यह भी संकेत दिए हैं कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है और जल्द ही आगे की कड़ियां भी उजागर होंगी।

वन्यजीवों के अंगों से बने उत्पाद न खरीदें

वन विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी कीमत पर वन्यजीवों के अंगों से बने उत्पाद न खरीदें। यदि कहीं इस तरह का अवैध संग्रह या बिक्री नजर आए तो तुरंत विभाग को सूचना दें। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि कानून से खिलवाड़ करने वालों पर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। यह अभियान न सिर्फ तेंदुओं जैसे संरक्षित वन्यजीवों की सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम है, बल्कि समाज में फैले अंधविश्वास और अवैध व्यापार के खिलाफ कड़ा संदेश भी है।

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