सब हेड : लोक निर्माण विभाग के दो साल में बरसात में बहे 1146 करोड़ रुपये

-केंद्र से नहीं मिलती दस फीसद से अधिक मदद

-नुकसान के अगले साल मिलती है राहत राशि

रमेश सिंगटा, शिमला

पहाड़ी प्रदेश हिमाचल में हर साल प्राकृतिक आपदा आती है। कुदरत का ऐसा कहर बरपता है जिससे जख्म कई साल तक नहीं भर पाते हैं। आसमान से बरसने वाली आफत के कारण लोक निर्माण विभाग के दो साल में ही अब तक 1146 करोड़ रुपये बरसात में बह गए हैं। पिछले साल की तुलना में इस साल बरसात से ज्यादा नुकसान पहुंचा है।

सीमित आर्थिक संसाधनों वाला हिमाचल अपने स्तर पर इस नुकसान की भरपाई करने में असमर्थ रहता है। केंद्र भी कुल नुकसान की दस फीसद से अधिक भरपाई नहीं कर पाता है। आलम यह है कि राज्य को जिस वर्ष नुकसान होता है, उसके लिए राहत राशि दूसरे साल आती है। कुदरत के कहर की सबसे ज्यादा मार लोक निर्माण विभाग झेलता है। भारी बारिश व बादल फटने से कई सड़कें व पुल बह जाते हैं। इस कारण भाग्यरेखा मानी जाने वाली सडकें बरसात में और खस्ताहाल हो जाती हैं। इस बार भी ऐसा ही हुआ है। अब तक लोक निर्माण विभाग को बरसात से 713 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। शिमला जोन में 210 करोड़ रुपये, मंडी जोन में 142 करोड़, हमीरपुर जोन में 117 करोड़ और कांगड़ा जोन में 200 करोड़ रुपये के नुकसान के अलावा राष्ट्रीय राजमार्गो को 423 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। वहीं, इस बार भारी बारिश के कारण हुए हादसों में दो महीने के भीतर ही 35 लोगों की जान गई। ग्रामीण सड़कें सबसे ज्यादा क्षतिग्रस्त

हिमाचल में पिछले साल लोक निर्माण विभाग को बरसात में 433 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। पंद्रह जून से पंद्रह सितंबर तक सड़कों, पुलों व कल्वटों को काफी नुकसान पहुंचा था। सबसे ज्यादा क्षतिग्रस्त ग्रामीण सड़कें हुई थीं।

कितनी लंबी सड़कें हुई प्रभावित

ग्रामीण सड़कें,12009 किलोमीटर

मुख्य जिला सड़कें,1724 किलोमीटर

पुल,3

कल्वर्ट,240 इस साल हुआ 672 करोड़ का नुकसान

इस साल 31 जुलाई तक लोक निर्माण को बरसात से 672 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। इस अवधि में सभी विभागों के कुल 1049 करोड़ रुपये बारिश में बहे। इनमें आइपीएच विभाग का 266 करोड़ रुपये, बिजली बोर्ड 24.49 करोड़, कृषि 75.82 करोड़, बागवानी 5.79 करोड़ और शिक्षा विभाग का 3.87 करोड़ रुपये का नुकसान शामिल है।

जिला,नुकसान

बिलासपुर,43.71

चंबा,80.60

हमीरपुर,39.59

कांगड़ा,132.88

किन्नौर,33.58

कुल्लू,10.25

मंडी,124.71

शिमला,105.20

लाहुल,1.60

सिरमौर,33.93

सोलन,38.93

ऊना,27.19

कुल,672

(नुकसान करोड़ रुपये में) 200 करोड़ से संवरेंगी सड़कें

राज्य सरकार खस्ताहाल सड़कों को सुधारेगी। इसके लिए 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सौ करोड़ से अधिक राशि जयराम सरकार ने पहले ही जारी कर दी थी। बकौल मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, मरम्मत के लिए पहली बार इतने धन की व्यवस्था की गई है। बरसात खत्म होते ही मरम्मत कार्य और तेज गति से चलेगा। यह मामला विधानसभा के मानसून सत्र में भी प्रमुखता से उठा था। जांची जाएगी सड़कों की गुणवत्ता

सड़कों की गुणवत्ता जांचने के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय में अलग दस्ता स्थापित होगा। इसके लिए पांच सितंबर को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में मंजूरी दी गई है। अब गुणवत्ता जांचने के लिए थर्ड पार्टी सिस्टम विकसित होगा। ऐसा राष्ट्रीय स्तर पर गुणवत्ता की निगरानी बढ़ाने के लिए किया गया है।

Posted By: Jagran