जागरण संवाददाता, शिमला : ऐतिहासिक रिज मैदान पर पड़ी दरारें का निरीक्षण वीरवार को शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने किया। मंत्री ने नगर निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए कि तुरंत एस्टीमेट तैयार किया जाए। इसके साथ ही तिब्बतियन मार्केट से डंगा लगाया जाए, ताकि स्थायी समाधान हो सके। वहीं, निगम के अधिकारियों ने कहा कि एस्टीमेट बनाने का कार्य तुरंत शुरू कर दिया जाएगा।

लंबे समय रिज पर दरारें पड़ती जा रही है। इस वजह रिज एक तरफ से धंसता जा रहा है। नगर निगम प्रशासन लीपापोथी करके पल्ला झाड़ लेता है, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं ढूंढा। इससे कभी भी रिज मैदान दरक सकता है। रिज ही नहीं दरकेगा पूरी तिब्बतियन मार्केट तबाह हो जाएगी। प्रशासन ने दरारों के स्थान पर बैरिकेड्स लगाकर अपना कार्य पूरा समझ लिया है। रिज को धंसने से बचाने के लिए कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है। रिज का एक हिस्सा तो करीब एक फीट तक धंस गया है। 2011 में भी रिज का एक हिस्सा गिर गया था। कई दुकानें भी क्षतिग्रस्त हुई थी, लेकिन जिला प्रशासन और नगर निगम गंभीर नहीं हुआ। हर साल की तरह इस साल भी स्थायी समाधान न करके लीपापोथी की जा रही है।

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रिज धंसा तो टैंक को भी खतरा

रिज मैदान के नीचे शिमला शहर को जल आपूर्ति करने वाला टैंक है। यदि रिज मैदान का यह हिस्सा धंस गया तो टैंक को भी खतरा हो सकता है, जिससे समूचे शहर में तबाही मच सकती है। शिमला का पूरा नॉर्थ जोन बह सकता है।

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सिंकिंग जोन होने के बावजूद बसा दी मार्केट

वर्ष 2011 में रिज मैदान के धंस रहे हिस्से को सिंकिंग जोन घोषित किया था। उस समय यहा पर स्थित तिब्बतियन मार्केट को हटाने की योजना बनाई गई। कुछ दिन तक यह कार्रवाई चलती रही, लेकिन समय बीतने के साथ प्रशासन भी भूल गया और फिर से उक्त स्थान पर मार्केट बसा दी।

Posted By: Jagran