जागरण संवाददाता, शिमला : शहर में बरसात के दौरान लोगों को पानी की समस्या से जूझना पड़ सकता है। इसका कारण राजधानी को पेयजल स्रोतों से मिलने वाले पानी की सप्लाई का 13 मिलियन लीटर पर डे (एमएलडी) कम होना है। रोजाना जहां 45 एमएलडी पानी मिलता था, अब वहां 32 एमएलडी तक मिल रहा है। गिरि नदी में गाद आने के बाद यहां से मिलने वाली सप्लाई 12 से कम होकर तीन से चार एमएलडी पहुंच गई है। इस कारण शहर को रोजाना सप्लाई देना संभव नहीं है, इसलिए बारिश कम होने तक यानी कम से कम एक सप्ताह तक शहर के लोगों को पानी के लिए तीसरे दिन ही इंतजार करना होगा।

गिरि में लगातार आ रही गाद की समस्या को खत्म करने के लिए शिमला जल प्रबंधन निगम ने एसडीएम ठियोग को पत्र लिखा है। इसमें कहा गया है कि गिरि में पराला मंडी की गाद को सीधे तौर पर डाला जा रहा है, जिससे शहर में पानी की सप्लाई बाधित हो रही है। गाद आने से शहर में पानी की सप्लाई देने के लिए पंपिग नहीं हो पा रही है। इससे राजधानी में पानी की रोजाना सप्लाई देना संभव नहीं है, इसलिए शहर के लोगों को पानी तीसरे दिन मिलेगा। पत्र में प्रशासन को अवगत करवाया है कि यदि पराला से गिरि में गाद न डाली जाए तो शिमला में पानी की समस्या नहीं होगी।

राजधानी में बरसात के शुरू होने से लेकर अभी तक पानी की रोजाना मिलने वाली सप्लाई कम हो गई है। शिमला जल प्रबंधन निगम कई दिन से अपने पेयजल स्त्रोतों पर पंपिग नहीं कर पा रहा है। हालांकि पहले भी बरसात में गाद आती रही है, लेकिन इस बार तो गाद खत्म नहीं हो रही है। हालांकि हर साल गाद बरसात की पहली बारिश में आती थी, लेकिन इस बार ये खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। इससे शहर में परेशानी ज्यादा बढ़ गई है। निगम के अधिकारी राजेश कश्यप ने बताया कि गाद को लेकर एसडीएम ठियोग को पत्र भेजा कै। गाद कम होते ही गिरि में पंपिग शुरू की जाएगी।

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