हिमाचल में रामपुर के विधायक नंदलाल का निधन, 2007 में शुरू की थी सियासी पारी; लगातार 4 बार जीतकर पहुंचे थे विधानसभा
हिमाचल प्रदेश के रामपुर विधायक नंदलाल का निधन हो गया है। उन्होंने आईटीबीपी में सेवा से लेकर चार बार विधायक ...और पढ़ें

रामपुर के विधायक नंदलाल (फाइल फोटो)
HighLights
आईटीबीपी में सेवा के बाद राजनीति में आए
रामपुर से लगातार चार बार विधायक चुने गए
राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष भी नियुक्त हुए
रोहित नागपाल, शिमला। शिमला जिले के रामपुर से विधायक नंदलाल का मंगलवार को निधन हो गया। वह काफी लंबे समय से बीमार चल रहे थे।
रामपुर के विधायक नंदलाल का राजनीतिक सफर काफी दिलचस्प रहा है। राजनीति में आने से पहले वह भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) में सेवाएं दे चुके थे।
विधायक नंदलाल विशेष सुरक्षा समूह (एसपीजी) में भी उनकी तैनाती रही थी। साल 2007 में सरकारी सेवा से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने के बाद उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर रामपुर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़कर राजनीतिक पारी शुरू की। इसके बाद उन्होंने लगातार चार विधानसभा चुनाव जीतकर अपनी राजनीतिक पकड़ बनाए रखी।
एचपीयू से किया पोस्ट ग्रेजुएशन
नंदलाल का जन्म 16 अप्रैल, 1954 को रामपुर बुशहर के देवठी में हुआ था। उनके पिता का नाम प्यारे लाल है। उन्होंने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से वर्ष 1976 में राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी की।
इसके बाद वह आईटीबीपी में भर्ती हुए और कमांडो दल में शामिल किए गए। सुरक्षा बल में सेवाएं देने के बाद उन्होंने वर्ष 2007 में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेकर सक्रिय राजनीति में कदम रखा।
2007 में पहली बार पहुंचे विधानसभा
साल 2007 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने नंदलाल को रामपुर से प्रत्याशी बनाया। उन्होंने भाजपा के बृज लाल को 6470 मतों से हराकर पहली बार विधानसभा में प्रवेश किया।
साल 2012 के चुनाव में उन्होंने अपनी जीत दोहराई और 9471 मतों के अंतर से चुनाव जीता। वर्ष 2017 में भाजपा प्रत्याशी के मुकाबले उन्होंने 4037 मतों से जीत दर्ज की।
वर्ष 2022 में चौथी बार चुनाव मैदान में उतरे नंदलाल ने भाजपा के कौल सिंह को 567 मतों से हराया। इस चुनाव में नंदलाल को 28,397 और कौल सिंह को 27,830 मत मिले।
सीपीएस से वित्त आयोग के अध्यक्ष तक की जिम्मेदारी
वर्ष 2013 में उन्हें मुख्य संसदीय सचिव (सीपीएस) बनाया गया। इस दौरान उन्होंने विधानसभा की विभिन्न समितियों में भी जिम्मेदारियां निभाईं। वह अधीनस्थ विधान समिति और विशेषाधिकार समिति के सदस्य रहे।
इसके अलावा विशेषाधिकार समिति के अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाली। वर्ष 2018 से 2022 के दौरान वह कल्याण और ग्रामीण नियोजन समितियों के सदस्य रहे।
दिसंबर 2022 में चौथी बार विधायक चुने जाने के बाद उन्हें विधानसभा की कल्याण समिति का अध्यक्ष बनाया गया। इसके साथ ही वह ग्रामीण नियोजन और आचार समिति के सदस्य भी रहे।
मार्च 2024 में प्रदेश सरकार ने उन्हें सातवें राज्य वित्त आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया। इस आयोग का उद्देश्य पंचायतों और नगर निकायों की वित्तीय स्थिति की समीक्षा करना तथा उन्हें संसाधनों के वितरण के संबंध में सिफारिशें देना है। इस नियुक्ति के साथ उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा भी दिया गया।
पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के करीबी नेताओं में गिने जाने वाले नंदलाल का रामपुर विधानसभा क्षेत्र में लंबे समय से राजनीतिक प्रभाव रहा है। सुरक्षा बल में सेवाओं से शुरुआत कर विधानसभा और वित्त आयोग तक पहुंचने का उनका सफर प्रदेश की राजनीति में अलग पहचान रखता है।
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