हिमाचल कांग्रेस की जमीनी सक्रियता परखेंगी रजनी पाटिल, 3 दिन के दौरे पर रहेंगी; निष्क्रिय चेहरों पर होगी कार्रवाई
हिमाचल कांग्रेस मामलों की प्रभारी रजनी पाटिल तीन दिवसीय दौरे पर आ रही हैं, जहां वे संगठन की जमीनी सक्रियता और पदाधिकारियों के कामकाज की समीक्षा करेंगी।

हिमाचल कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल। जागरण आर्काइव
HighLights
रजनी पाटिल तीन दिवसीय हिमाचल दौरे पर आ रही हैं।
संगठन की जमीनी सक्रियता और पदाधिकारियों के कामकाज की समीक्षा।
निष्क्रिय चेहरों पर कार्रवाई, किन्नौर कांग्रेस विवाद सुलझाने पर जोर।
राज्य ब्यूरो, शिमला। मिशन-2027 की तैयारियों के बीच हिमाचल कांग्रेस अब संगठन की जमीनी सक्रियता परखने के लिए तैयार है। प्रदेश कांग्रेस मामलों की प्रभारी रजनी पाटिल तीन दिवसीय हिमाचल दौरे पर आ रही हैं। 24 सितंबर को सोलन में जिला और ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों के पदाधिकारियों के साथ बैठक होगी, जबकि 25 सितंबर को शिमला स्थित राजीव भवन में प्रदेशभर के प्रमुख पदाधिकारियों का रिपोर्ट कार्ड खंगाला जाएगा।
बैठक में जिला अध्यक्षों से लेकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों तक के पिछले तीन माह के कामकाज की समीक्षा होगी। बैठक को लेकर संगठन में इसलिए भी हलचल है क्योंकि इस बार केवल औपचारिक समीक्षा तक मामला सीमित रहने के संकेत नहीं हैं।
शीर्ष नेतृत्व और प्रदेश संगठन की ओर से जारी कार्यक्रमों को जिलों और ब्लाकों में कितना लागू किया गया, कौन पदाधिकारी मैदान में उतरा और किसकी सक्रियता केवल बैठकों तक सीमित रही, इसका ब्योरा सामने आएगा। पदाधिकारियों को अपने काम का पूरा रिकार्ड लेकर बैठक में पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं।
इन विषयों पर भी होगी चर्चा
नीट पेपर लीक सहित विभिन्न मुद्दों पर कांग्रेस की ओर से किए गए आंदोलनों में जिला और ब्लाक स्तर के पदाधिकारियों की भूमिका भी समीक्षा का हिस्सा होगी। संगठन की ओर से दिए गए निर्देशों का कितना पालन हुआ और निर्धारित जिम्मेदारियों को किस स्तर तक पूरा किया गया, इस पर भी चर्चा होगी।
निष्क्रिय चेहरों पर गिरेगी गाज
समीक्षा बैठक का सबसे अहम संदेश उन पदाधिकारियों के लिए माना जा रहा है, जो जिम्मेदारी संभालने के बाद सक्रिय नहीं दिखे। पार्टी ने संगठन के कामकाज के लिए कुछ मानक तय किए हैं और इन्हीं के आधार पर प्रदेश कांग्रेस की ओर से रिपोर्ट तैयार की गई है। निर्धारित जिम्मेदारियां पूरी नहीं करने वालों को चेतावनी देने से लेकर संगठन से बाहर करने तक की कार्रवाई के संकेत हैं।
किन्नौर में सुलह की बनी चुनौती
रजनी पाटिल के सामने किन्नौर कांग्रेस का विवाद भी बड़ी चुनौती रहेगा। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी और जिला कांग्रेस अध्यक्ष निगम भंडारी के बीच मतभेद लंबे समय से सामने हैं। बैठक में इस विवाद को आमने सामने बिठाकर सुलझाया जाएगा।
कांग्रेस प्रदेश मामलों की प्रभारी हिमाचल दौरे पर आ रही हैं। 26 सितंबर को अग्रणी संगठनों के साथ भी बातचीत की जाएगी। बठक में कामकाज की समीक्षा की जाएगी।
-विनोद जिंटा, महासचिव (संगठन) प्रदेश कांग्रेस कमेटी।
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