मणिमहेश में बर्फबारी: राधाष्टमी न्हौण से पहले प्रशासन ने यात्रा रोकी, हड़सर और धनछो में सैकड़ों श्रद्धालु रोके गए
हिमाचल प्रदेश में मणिमहेश यात्रा के अंतिम पड़ाव पर मौसम ने करवट ली है, डल झील के आसपास 3 इंच ...और पढ़ें

मणिमहेश में बर्फबारी के कारण यात्रा रोक दी गई है। जागरण आर्काइव
HighLights
मणिमहेश यात्रा मार्ग पर 3 इंच तक हुई ताजा बर्फबारी।
सुरक्षा कारणों से हड़सर और धनछो से आगे यात्रा रोकी गई।
राधाष्टमी शाही स्नान से पहले सैकड़ों श्रद्धालु रोके गए।
जागरण टीम, भरमौर (चंबा)। हिमाचल प्रदेश में मौसम ने करवट ली है। श्री मणिमहेश यात्रा के अंतिम पड़ाव पर मौसम ने कड़े तेवर दिखाए हैं। डल झील यानी शिव कुंड के आसपास भी तीन इंच बर्फबारी हो गई है। गौरीकुंड तक बर्फ गिरी है। प्रशासन ने बर्फबारी और बारिश से मार्ग पर बढ़ी फिसलन तथा कड़ाके की ठंड को देखते हुए श्रद्धालुओं की सुरक्षा के मद्देनजर हड़सर से धनछो तथा धनछो से ऊपरी पड़ावों की ओर जाने पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। इसके अलावा व्यवस्था बनाए रखने के लिए मैहला के पास भी यात्रियों को रोका गया है।
पथरीले ट्रैक पर बढ़ा जोखिम
मणिमहेश यात्रा प्रबंधन समिति भरमौर के अध्यक्ष की ओर से जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, ऊंचाई वाले इलाकों में अचानक 3 इंच तक गिरी बर्फ के कारण तापमान में भारी गिरावट आ गई है, जिससे 13 किलोमीटर लंबे पथरीले ट्रैक पर जोखिम काफी बढ़ गया है। श्रद्धालुओं की जान-माल की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह कदम उठाया गया है।
यात्रा मार्ग पर तैनात सेक्टर अधिकारियों, पुलिस जवानों, होमगार्ड और स्वयंसेवकों को इन आदेशों की सख्ती से अनुपालना कराने के निर्देश दिए गए हैं।
राधाष्टमी से पहले यात्रा पर रोक
मणिमहेश यात्रा का सबसे बड़ा धार्मिक पड़ाव राधाष्टमी का मुख्य शाही स्नान 19 सितंबर को निर्धारित है। इससे ठीक पहले 17 और 18 सितंबर को शिव चेलों की पारंपरिक यात्रा व डल झील से जुड़ी प्रमुख धार्मिक रस्में निभाई जानी हैं। ऐसे में भारी संख्या में श्रद्धालु डल की ओर बढ़ रहे थे, जिन्हें फिलहाल सुरक्षित पड़ावों पर ही रोक दिया गया है।
खराब मौसम, लगातार बारिश और मणिमहेश क्षेत्र में करीब 3 इंच तक हुई ताजा बर्फबारी को देखते हुए श्रद्धालुओं की सुरक्षा के मद्देनजर यात्रा को अस्थायी रूप से रोका गया है। प्रशासनिक टीमें मौसम और ट्रैक की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। हालात सामान्य होने और मार्ग पूरी तरह सुरक्षित पाए जाने के बाद ही श्रद्धालुओं को आगे जाने की अनुमति दी जाएगी।
-विकास शर्मा, एडीएम एवं अध्यक्ष, श्री मणिमहेश यात्रा प्रबंधन समिति, भरमौर।
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