शिमला, जेएनएन। Pulwama terror attack मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने पुलवामा आतंकी हमले में शोक प्रस्ताव पर बोलते हुए कहा कि मुझे दुख हो रहा है कि 14 फरवरी को सीआरपीएफ के काफिले पर जो हमला हुआ है। इसमें 42 सैनिक शहीद हुए है। इसके साथ हिमाचल के शहीद तिलक राज का भी हमें दुख है। सारी जगह मलबा ही पड़ा है। आज सारा देश इस दुख में डूबा हुआ है। इस घटना से पूरा देश हिल गया है हम लोगों की रक्षा के लिए जो सैनिक खड़े रहते है ये काम उनके हौंसलों को तोड़ने के लिए किया गया है। पाकिस्तान ने ही यह सब किया है । पाकिस्तान ने स्वयं को इस हमले से अलग बताया है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सदन में कहा कि जो हिमाचल के तिलक राज शहीद हुए है उनके परिवार के साथ खड़ा हूं। 20 लाख की सम्मान राशि देने की घोषणा करता हूं।

आज प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में बैठक चल रही है पूरा देश यही बात बोल रहा है पाकिस्तान के खिलाफ कठोर से कठोर कार्रवाई है। हिमाचल केंद्र सरकार के साथ खड़ा रहेगा। पूरा हिमाचल बदला चाहता है। आम आदमी भी बोल रहे है अब बहुत हो गया, आतंकवाद के खिलाफ सख्त करवाई होनी चाहिए । हमले की भर्त्सना करता हूं हमारे रोंगटे खड़े हो गए है। देश को अस्थिर करने की ताकतें काम कर रही है। मैं अपनी श्रद्धांजलि  देता हूं।

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के बाद नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कांग्रेस विधायक दल पूरा राष्ट्र के साथ खड़ा है। उरी हमले से बड़ा ये आतंकी हमला है। आतंकी अब सिर्फ सैन्य ठिकानों को निशाना बना रहे हैं । सुरक्षा में बड़ी चूक हुई है । जैश ए मोहम्मद वही आंतकी संगठन है जिनके सरगना को भारत ने छोड़ा था। हम दुखी और शहीदों के साथ है। हम केंद्र सरकार से मांग करते है कि देश सुरक्षा पर कड़े कदम उठाए जाएं।

आईपीएच मंत्री महेंद्र ठाकुर ने कहा कि 1971 में मैंने लड़ाई लड़ी। तब मैं डोगरा रेजिमेंट में था। हमने उन्हें खदेड़ा ही नहीं बल्कि मारा था। पाकिस्तान ने कायराना हरकत की है, आईपीएच मंत्री ने कहा कि मैं दोबारा रण में जाने के लिए तैयार हूं।

प्रदेश भाजपा ने पुलवामा में सीआरपीएफ  पर हुए कायराना हमले में शहीद हुए जवानों की शहादत को सम्मान देने हेतु व शहीद परिवारों  के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करने हेतु और उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होकर प्रदेश संगठन  द्वारा आयोजित आज के सभी कार्यक्रम स्थगित कर दिए हैं ।

प्रवीण शर्मा, प्रदेश मीडिया प्रभारी, भाजपा हिमाचल

सीपीएम नेता एवं विधायक राकेश सिंघा ने कहा कि हिंसा समाधान ही नहीं है। हमारे देश ने आजादी के बाद दो प्रधानमंत्री राजीव गांधी और इंदिरा गांधी को सिर्फ हिंसा की वजह से खोया है। हमारी कमजोरियों का फायदा दुश्मन उठाता है। अपने वेतन से वे तिलक राज के परिवार को आर्थिक सहायता करेंगे।

पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने सदन में कहा कि ये निंदनीय घटना है। हमारी सीमाएं सुरक्षित नहीं है। फिदायीन हमले में। हमारी बहादुर सेना जोश के साथ मुकाबला करेगी। बॉर्डर पर झड़पें होती रहती हैं। कश्मीर के भीतर इतना बड़ा हमला होना बड़ा चिंतनीय है। हमें अपने शहीदों पर फक्र है। हमें सेना के ऊपर गौरव है। 

सरकाघाट के विधायक कर्नल इंद्र सिंह ने कहा कि 1992-1994 में भी ऐसा प्रयास हुआ था। घर के जयचन्दों के खिलाफ सख्त कार्र की जरूरत है। फिदायीन को पल-पल की जानकारी देने वाले कौन थे इन पर भी जांच हो।

कर्नल धनीराम शांडिल ने कहा ये काला दिवस है। इस हमले के लिए हमारे बीच के जयचन्द जिम्मेदार हैं। मैं सियाचिन उरी में रहा हूं। बिना सिक्योरिटी के काफिले नहीं चलते हैं। 1971 में हमले के दौरान मैं सेना में ही था। सोल्जर कौन है। वो है जी जो वहां पहुंच सकता है जहां कोई नहीं पहुच सकता। शांडिल भावुक होतेह हुए कहा कि हमें युद्ध करना चाहिए। एक साल की सेना की ट्रेनिग हर नागरिक को देनी चाहिए तभी सैनिक और सुरक्षा की एहमियत समझ में आएगी।

 

Posted By: Babita

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