यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 15, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Himachal Pradesh: राज्य में भांग की खेती के लिए विधानसभा में लाई जाएगी प्रस्तावित योजना, सीएम सु्क्खू के समक्ष कमेटी करेगी पेश
हिमाचल प्रदेश में जल्द ही भांग की खेती ( Hemp Cultivation) को लेकर विधानसभा में प्रस्तावित योजना लाई जा सकती ...और पढ़ें

राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा में भांग की खेती की प्रस्तावित योजना लाई जाएगी। धर्मशाला के तपोवन में होने वाले शीतकालीन सत्र में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के समक्ष कमेटी इसकी प्रस्तुति देगी। सीएम की मंजूरी के बाद कमेटी भांग की खेती को लेकर नियमों को अंतिम रूप देगी। साथ ही राज्य में भांग की खेती को कानूनी मान्यता मिलेगी तथा यहां पर इसकी खेती शुरू हो सकेगी। राज्य में भांग की खेती को मान्यता देने के लिए विधानसभा में कमेटी का गठन किया था। इस कमेटी ने प्रदेश के विभिन्न जिलों का दौरा करने के बाद सरकार को रिपोर्ट सौंप दी है।
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राज्य में खेती शुरू करने के लिए बनाई योजना
रिपोर्ट में भांग की खेती को औद्योगिक व चिकित्सा के प्रयोग के लिए इसकी खेती करने को मंजूरी देने की सिफारिश की है। कमेटी के अध्यक्ष एवं राजस्व व बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने शिमला में शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि कमेटी ने राज्य में इसकी खेती शुरू करने को लेकर योजना बनाई है, जिसकी प्रेजेंटेशन मुख्यमंत्री के समक्ष की जाएगी। उसके बाद विभिन्न पहलुओं पर ध्यान देकर जल्द नियम बनाए जाएंगे। गत दिन कमेटी की आंतरिक बैठक हुई थी, जिसमें कई पहलुओं पर चर्चा की गई।
विकसित भारत संकल्प यात्रा धन की बर्बादी: नेगी
जगत सिंह नेगी ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा आगामी लोकसभा चुनाव को देखकर विकसित भारत संकल्प यात्रा की जा रही है, जो पूरी तरह से फ्लाप रही है, इस पर अरबों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। वह इसका विरोध नहीं कर रहे हैं, लेकिन इसमें धन की बर्बादी हो रही है। उन्होंने कहा कि नौ वर्ष में केंद्र सरकार देश से बेरोजगारी व महंगाई को समाप्त नहीं कर पाई।
अन्य राज्यों में एचपीएमसी की संपत्ति का तकनीकी व आर्थिक अध्ययन किया जाएगा, जिसके उनके उपयोग से आय अर्जित की जा सके। उन्होंने कहा कि एचपीएमसी को बेहतर संस्था बनाने के लिए कड़े निर्णय लिए जाएंगे तथा 13 प्रोजेक्ट आगामी मार्च तक पूरे किया जाएंगे। एचपीएमसी में शराब का उत्पादन शुरू करने के लिए पहले अध्ययन करवाया जाएगा।
