संवाद सूत्र, ज्यूरी : रामपुर के ज्यूरी महाविद्यालय को बंद करने के फैसले के विरोध में क्षेत्र की छह पंचायतों ने विशेष ग्राम सभा में प्रस्ताव पारित किया। पंचायतों में इस बात को लेकर रोष है कि महाविद्यालय के बंद होने का सीधा असर उनके बच्चों पर पड़ेगा और उन्हे आर्थिक बोझ झेलने को मजबूर होना पड़ेगा। बुधवार को आयोजित प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत विशेष ग्राम सभा में पंचायतों ने प्रस्ताव पारित किया, जिसे जल्द ही मुख्यमंत्री को भेजकर महाविद्यालय को बहाल करने की माग की जाएगी।

ज्यूरी कॉलेज बचाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष अशोक नेगी ने बताया कि ज्यूरी, बधाल, कूट, क्याओ, जघोरी, लबाना सदाना और सराहन आदि पंचायत में प्रस्ताव भी पारित किया गया। उन्होंने कहा कि कॉलेज बंद होने से लोगों में भारी रोष है और माग की जा रही है कि महाविद्यालय दोबारा बहाल किया जाए। कॉलेज बंद होने से सबसे बड़ा नुकसान 15-20 के छात्रों को उठाना पड़ेगा, क्योंकि उन्हे रामपुर में उच्च शिक्षा ग्रहण करने जाना पड़ता है और कुछ तो मजबूरी में रामपुर ही किराये के कमरे लेकर शिक्षा ग्रहण करते है। ऐसे में यदि ज्यूरी में महाविद्यालय रहता है तो छात्रों और उनके अभिभावकों पर आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा। समिति ने प्रदेश सरकार से माग की है कि ज्यूरी कॉलेज बहाल किया जाए।

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