विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

अलर्ट! कहीं आप तो नहीं करते ओपन Wi-Fi का इस्तेमाल, आसानी से हो जाएगा फोन हैक; इन तरीकों से करें बचाव

Published: Fri, 20 Feb 2026 10:36 AM (GMT+05:30)

हिमाचल के पर्यटन स्थलों पर ओपन वाई-फाई का उपयोग बढ़ने से साइबर सुरक्षा का खतरा गहरा रहा है। पर्यटक और ...और पढ़ें

कैप्शन: ओपन वाई फाई सेफ नहीं (जागरण फोटो)

कैप्शन: ओपन वाई फाई सेफ नहीं (जागरण फोटो)

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

जागरण संवाददाता, शिमला। प्रमुख पर्यटन स्थलों पर ओपन पब्लिक वाई-फाई का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। इससे साइबर सुरक्षा का खतरा भी गहराता जा रहा है।

शिमला, मनाली, धर्मशाला, कसौली और अन्य पर्यटन क्षेत्रों में पर्यटक और स्थानीय लोग फ्री इंटरनेट की सुविधा के लिए खुले नेटवर्क से जुड़ जाते हैं। इससे उनकी निजी जानकारी चोरी होने का जोखिम बढ़ जाता है। साइबर विशेषज्ञों और पुलिस ने ऐसे नेटवर्क का उपयोग करते समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। असुरक्षित वाई-फाई नेटवर्क साइबर अपराधियों के लिए आसान माध्यम बन चुके हैं।

फोन हो सकता है हेक

ओपन नेटवर्क पर कनेक्ट होते ही उपयोगकर्ता की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखी जा सकती है। हैकर्स पासवर्ड, बैंकिंग जानकारी, ईमेल, ओटीपी, इंटरनेट मीडिया अकाउंट और निजी डाटा तक आसानी से पहुंच बना सकते हैं। शिमला के मालरोड, रिज मैदान, बस अड्डा, सहित अन्य सार्वजनिक स्थानों पर बिना सत्यापन के किसी भी उपलब्ध नेटवर्क से जुड़ने की प्रवृत्ति आम हो चुकी है।

सार्वजनिक वाई-फाई पर ऑनलाइन बैंकिंग, यूपीआइ भुगतान, सरकारी वेबसाइट लागिन या संवेदनशील दस्तावेज साझा करना जोखिम भरा हो सकता है। छोटी सी लापरवाही से बैंक खाते से धन की निकासी, पहचान की चोरी और साइबर ठगी जैसे गंभीर मामले सामने आ सकते हैं। प्रदेश पुलिस साइबर जागरूकता अभियान चला रही है।

सामान्य ब्राउजिंग तक ही रखें सीमित

निश्शुल्क इंटरनेट का उपयोग केवल सामान्य ब्राउजिंग तक सीमित रखना चाहिए। आवश्यक कार्यों के लिए मोबाइल डाटा या सुरक्षित पासवर्ड-संरक्षित नेटवर्क का उपयोग करना सुरक्षित माना जाता है। युवाओं को मजबूत पासवर्ड, दो स्तरीय प्रमाणीकरण और आधिकारिक नेटवर्क के उपयोग की आदत अपनाने की सलाह दी है।

डिवाइस का ऑटो कनेक्ट फीचर चालू होने पर मोबाइल ओपन नेटवर्क से जुड़ सकता है, जिससे डाटा सुरक्षा खतरे में पड़ जाती है। संदिग्ध लिंक पर क्लिक करना, फर्जी वेबसाइट खोलना व एप्लिकेशन डाउनलोड करना जोखिम को बढ़ाता है।

जागरूक नागरिक ही साइबर अपराध की रोकथाम में अहम भूमिका निभा सकते हैं। लोगों से अपील है कि निश्शुल्क वाई-फाई का उपयोग सोच-समझकर करें। अपनी निजी जानकारी, बैंकिंग विवरण तथा आधिकारिक खातों की सुरक्षा को प्राथमिकता दें। -अशोक तिवारी, डीजीपी।

ये बरतें सावधानी

  • ओपन वाई-फाई पर बैंकिंग और भुगतान से बचें। 
  • अनजान नेटवर्क से कनेक्ट न करें।
  • मोबाइल का आटो कनेक्ट फीचर बंद रखें। 
  • मजबूत पासवर्ड और दो स्तरीय प्रमाणीकरण का उपयोग करें।