यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 24, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
अब टावर लगाने के लिए नहीं तलाशनी होगी जमीन
उपायुक्त आदित्य नेगी ने कहा है कि शहर में मोबाइल कंपनियों के टावर लगाने के लिए अब जमीन नहीं तलाशनी पड़ेगी।

जागरण संवाददाता, शिमला : उपायुक्त आदित्य नेगी ने कहा है कि शहर में मोबाइल कंपनियों के टावर लगाने के लिए कंपनियों को अब विभाग के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे और न ही जमीन तलाशने के लिए जाना होगा। राइट आफ वे पालिसी 2021 विभिन्न टेलीकाम सेवाओं के तहत आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए अत्यंत कारगर साबित होगी। उपायुक्त आदित्य नेगी पालिसी के तहत गठित संयुक्त समन्वय समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को दिशानिर्देश दे रहे थे।
उन्होंने कहा कि जिले में टेलीकाम कंपनियां टावर लगाने और केबल बिछाने एवं अन्य कार्यो के लिए आनलाइन माध्यम से नियुक्त नोडल अधिकारी को आवेदन कर सकती हैं। आवेदन को प्रशासन संबंधित विभागों को भेजेगा। इस पर 45 दिन के भीतर निर्णय लेना आवश्यक होगा। आनलाइन प्रक्रिया से हितधारकों के साथ उपभोक्ताओं को भी सुविधा का लाभ मिलेगा। लंबित मामलों का त्वरित निवारण संभव होगा। सरकारी भवनों को भी इसके अधीन लाने पर विचार किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण के दौरान शैक्षणिक संस्थानों के विद्यार्थियों और अग्रिम शिक्षा ग्रहण करने वाले युवाओं व कार्यालय में नेटवर्किग के माध्यम से कार्य करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को नेटवर्क की समस्या के चलते असुविधा हो रही है। इस कारण शिमला शहर और जिले के विभिन्न क्षेत्रों में नेटवर्किग की समस्या को देखते हुए इस पालिसी के तहत छह-छह मीटर के नेटवर्किग टावर लगाने आवश्यक हैं। इस संबंध में जिला प्रशासन कंपनियों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्य करेगा।
समीक्षा बैठक में पालिसी के तहत पुराने नेटवर्किग के टावरों के रखरखाव तथा नए स्थापित होने वाले नेटवर्किग टावरों के लिए स्थान खोजने, अनुमति लेने व उनके पंजीकरण पर भी विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में जिला प्रशासन, नगर निगम, एयरटेल व अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
