राजीव गांधी की सुरक्षा से लेकर लगातार 4 बार कांग्रेस MLA बनने तक, नंद लाल ने SPG छोड़ शुरू की थी राजनीतिक पारी
हिमाचल प्रदेश के रामपुर से चार बार के कांग्रेस विधायक नंदलाल का 72 वर्ष की आयु में निधन हो गया। ...और पढ़ें

रामपुर के विधायक रहे नंद लाल का फाइल फोटो
HighLights
रामपुर से चार बार के कांग्रेस विधायक नंदलाल का निधन।
गांधी परिवार की सुरक्षा में एसपीजी अधिकारी के रूप में सेवा दी।
आईटीबीपी में डीआईजी पद से सेवानिवृत्त होकर राजनीति में आए।
जागरण संवाददाता, शिमला। हिमाचल प्रदेश में रामपुर विधानसभा क्षेत्र से चार बार लगातार चुनाव जीतने वाले कांग्रेस विधायक नंदलाल का 72 साल की उम्र में निधन हो गया। वह विधायक बनने से पहले देश के महत्वपूर्ण सुरक्षा तंत्र का हिस्सा रह चुके हैं। उन्होंने एसपीजी में करीब 12 वर्ष सेवाएं दी हैं। उनकी तैनाती गांधी परिवार की सुरक्षा व्यवस्था में भी रही।
वह पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी और सोनिया गांधी की सुरक्षा से जुड़ी जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। वर्ष 2007 में आईटीबीपी से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने के बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा था।
आईटीबीपी में शामिल हुए
नंदलाल का जन्म 16 अप्रैल 1954 को रामपुर बुशहर के देवठी में हुआ था। उन्होंने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल की। इसके बाद उनका चयन भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) में हुआ। आईटीबीपी अकादमी में प्रशिक्षण के बाद उन्हें कमांडो दल में शामिल किया गया। सुरक्षा क्षेत्र में उनके अनुभव और सेवाओं के आधार पर वर्ष 1985 में उन्हें विशेष सुरक्षा समूह (एसपीजी) में शामिल किया गया।
1985 से 1997 तक एसपीजी में रहे
नंदलाल ने वर्ष 1985 से 1997 तक एसपीजी में सेवाएं दीं। इस दौरान वह देश के शीर्ष राजनीतिक नेतृत्व की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े रहे। नंदलाल की तैनाती के दौरान राजीव गांधी और सोनिया गांधी की सुरक्षा से जुड़ी जिम्मेदारियां भी उनके कार्यक्षेत्र का हिस्सा रहीं।
राजीव गांधी ने की थी प्रशंसा
उनकी सेवाओं को लेकर तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर ने प्रशंसा पत्र देकर सराहना की थी। एसपीजी में रहते हुए उन्हें देश और विदेश में सुरक्षा संबंधी जिम्मेदारियों के निर्वहन का अवसर मिला। इस दौरान उन्होंने मॉरीशस, रूस, नेपाल, जर्मनी, फ्रांस, ब्रिटेन, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मोरक्को, अमेरिका, मंगोलिया और ऑस्ट्रिया सहित कई देशों की यात्राएं कीं।
राष्ट्रपति पुलिस पदक से भी सम्मानित
नंदलाल को सुरक्षा क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवाओं के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक से भी सम्मानित किया गया। उपलब्ध जीवनवृत्त के अनुसार उन्हें वर्ष 2001 और 2007 में दो बार यह सम्मान मिला। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर और अरुणाचल प्रदेश में सुरक्षा तथा सीमावर्ती क्षेत्रों से जुड़े कार्यों में भी उन्होंने योगदान दिया। वर्ष 1982 के एशियाई खेलों और 1983 में आयोजित गुटनिरपेक्ष सम्मेलन के दौरान भी उन्होंने सुरक्षा संबंधी सेवाएं दी थीं।
डीआईजी पद से ली थी स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति
वर्ष 2007 में उन्होंने आईटीबीपी में डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल (डीआईजी) स्तर के पद से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ली। इसके बाद कांग्रेस में शामिल होकर रामपुर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा। कांग्रेस ने उन्हें टिकट दिया और उन्होंने भाजपा के बृज लाल को 6470 मतों से हराकर पहली बार विधानसभा में प्रवेश किया।
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