किन्नौर के रुपिन पास में बर्फीले तूफान में फंसे भेड़पालकों तक पहुंचे पुलिस जवान, 1700 पशुधन सहित किए रेस्क्यू
हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले के दुर्गम रुपिन पास क्षेत्र में भारी ओलावृष्टि और बर्फीले तूफान में फंसे चरवाहों और ...और पढ़ें

रूपिन पास में फंसे मवेशियों व भेड़पालकों तक पहुंची पुलिस टीम।
HighLights
किन्नौर के रुपिन पास में चरवाहे और पशुधन फंसे।
पुलिस ने 6 दिन बाद साहसिक रेस्क्यू अभियान चलाया।
1700 भेड़-बकरियों सहित सभी को सुरक्षित निकाला गया।
संवाद सहयोगी, रिकांगपिओ। हिमाचल प्रदेश में किन्नौर जिले के दुर्गम रुपिन पास क्षेत्र में भारी ओलावृष्टि और बर्फीले तूफान के कारण फंसे चरवाहों और उनके पशुधन को पुलिस ने कठिन परिस्थितियों में साहसिक रेस्क्यू अभियान चलाकर बाहर निकाल लिया। पुलिस ने 6 दिन बाद इन्हें रेस्क्यू किया। सांगला कांडा से डोडरा क्वार की ओर जा रहे चरवाहों के फंसने की सूचना 27 सितंबर को पुलिस को मिली थी।
दो दिन बाद मौके पर पहुंच गई थी टीम
सूचना मिलते ही पुलिस ने राजस्व विभाग के साथ संयुक्त रेस्क्यू टीम गठित कर अभियान की तैयारी शुरू कर दी। 29 और 30 सितंबर को पुलिस टीम ने अत्यंत दुर्गम क्षेत्र में पहुंचकर रेस्क्यू अभियान चलाया।
बर्फीले तूफान ने बढ़ाई मुश्किल
क्षेत्र में भारी बर्फबारी, ओलावृष्टि और बर्फीले तूफान के कारण अभियान बेहद चुनौतीपूर्ण रहा। इसके बावजूद पुलिस जवानों ने हिम्मत नहीं हारी और लगातार प्रयास करते हुए फंसे हुए सभी चरवाहों को सुरक्षित बाहर निकाला। रेस्क्यू अभियान के दौरान पुलिस टीम ने केवल लोगों को ही सुरक्षित नहीं निकाला, बल्कि पशुधन को बचाने के लिए भी सराहनीय प्रयास किए।
1700 भेड़-बकरियां भी सुरक्षित निकालीं
बर्फ में दबी दो बकरियों और तीन भेड़ों को जीवित बाहर निकाला गया। इसके साथ ही करीब 1600 से 1700 भेड़-बकरियों को भी सुरक्षित वापस लाया गया। भारी बर्फबारी और प्रतिकूल मौसम के बीच पुलिस कर्मियों ने अपनी सुरक्षा की परवाह किए बिना चरवाहों और पशुधन को सुरक्षित निकालने के लिए लगातार काम किया।
