विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

कांगड़ा एयरपोर्ट विस्तारीकरण कार्य की उल्टी गिनती शुरू, केंद्रीय मंत्री ने 2 माह में मांगी रिपोर्ट, CM सुक्खू ने की चर्चा

By Parkash Bhardwaj Edited By: Rajesh Sharma
Published: Wed, 09 Sep 2026 05:46 PM (IST)Updated: Wed, 09 Sep 2026 06:53 PM (IST)

हिमाचल में पर्यटन विकास और हवाई कनेक्टिविटी को नई ऊंचाई देने के लिए कांगड़ा एयरपोर्ट के विस्तार की प्रक्रिया तेज ...और पढ़ें

नई दिल्ली में केंद्रीय नागर विमानन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू और सीएम सुखविन्द्र सिंह सुक्खू बैठक के दौरान।

नई दिल्ली में केंद्रीय नागर विमानन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू और सीएम सुखविन्द्र सिंह सुक्खू बैठक के दौरान।

HighLights

  1. कांगड़ा एयरपोर्ट विस्तार की रिपोर्ट 2 महीने में मांगी गई।

  2. हिमाचल में हेलीपोर्ट नेटवर्क के लिए केंद्र देगा वित्तीय सहायता।

  3. शिमला एयरपोर्ट की सुरक्षा अब हिमाचल पुलिस संभालेगी।

राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश में पर्यटन विकास और हवाई कनेक्टिविटी को जल्द ही नई ऊंचाई मिलने वाली है। मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने नई दिल्ली में केंद्रीय नागर विमानन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू से अहम मुलाकात की। इस बैठक में प्रदेश में हवाई ढांचे के विस्तार पर विस्तृत चर्चा हुई, जिसके बाद केंद्र सरकार ने कांगड़ा एयरपोर्ट के विस्तार के लिए 'टेक्नो-इकोनामिक फीजिबिलिटी रिपोर्ट' (तकनीकी-आर्थिक व्यवहार्यता रिपोर्ट) को दो महीने के भीतर अंतिम रूप देने के निर्देश दिए हैं।

इसके साथ ही राज्य में हेलीपोर्ट नेटवर्क को मजबूत करने के लिए भी केंद्र ने अपना खजाना खोलने को हरी झंडी दे दी है। 

सीएम ने कांगड़ा एयरपोर्ट को प्राथमिकता बताया

बैठक में मुख्यमंत्री ने कांगड़ा एयरपोर्ट के विस्तार को राज्य की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि पर्यटन प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और बेहतर हवाई सेवाओं से यहां पर्यटकों की आवाजाही सुगम होगी। सीएम ने स्पष्ट किया कि विस्तार के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी है। 

प्रोजेक्ट लागत का सटीक आकलन करने का आग्रह

इस पर त्वरित संज्ञान लेते हुए केंद्रीय मंत्री राममोहन नायडू ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजना के लिए एक योग्य सलाहकार नियुक्त कर निर्धारित 60 दिन के भीतर रिपोर्ट तैयार की जाए। मुख्यमंत्री ने भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) से इस प्रोजेक्ट की लागत का सटीक और यथार्थपरक आकलन करने का भी आग्रह किया।

उड़ान योजना से बनेंगे हेलीपोर्ट, दुर्गम क्षेत्रों को मिलेगी राहत

हिमाचल की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों का हवाला देते हुए सीएम सुक्खू ने हेलीपोर्ट नेटवर्क की पैरवी की। उन्होंने कहा कि दूरदराज के इलाकों में संपर्क और आपातकालीन स्थिति में त्वरित मदद के लिए हेलीपोर्ट बेहद जरूरी हैं। इस मांग पर मुहर लगाते हुए केंद्रीय मंत्री ने उड़ान योजना के तहत हिमाचल में हेलीपोर्ट निर्माण के लिए वित्तीय सहायता देने की बात मान ली है।

नियमित उड़ानें और सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव

शिमला में हवाई सेवाओं को सुदृढ़ करने पर भी गहन मंथन हुआ। केंद्रीय मंत्री ने शिमला एयरपोर्ट को नियमित हवाई संपर्क से जोड़ने का आश्वासन दिया है। इसके लिए रनवे की क्षमता के अनुसार उपयुक्त विमानों के संचालन की संभावना तलाशी जाएगी। इसके अलावा राज्य सरकार की एक और अहम मांग को केंद्र ने मान लिया है। कांगड़ा एयरपोर्ट की तर्ज पर अब शिमला एयरपोर्ट की सुरक्षा का जिम्मा भी केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) से वापस लेकर हिमाचल प्रदेश पुलिस को सौंपा जाएगा।

यह भी पढ़ें: हिमाचल का 7.98 प्रतिशत साक्षरता दर से पूर्ण साक्षर बनने का सफर, पहाड़ी राज्य किस तरह बना देश के लिए उदाहरण?