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हिमाचल का 7.98 प्रतिशत साक्षरता दर से पूर्ण साक्षर बनने का सफर, पहाड़ी राज्य किस तरह बना देश के लिए उदाहरण?

By Digital Desk Edited By: Rajesh Sharma
Published: Wed, 09 Sep 2026 03:47 PM (IST)

हिमाचल प्रदेश ने 1951 में 7.98% साक्षरता दर से शुरू कर 2025 तक पूर्ण साक्षर राज्य का दर्जा हासिल किया ...और पढ़ें

दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर को सम्मानित करतीं शिक्षा मंत्रालय में निदेशक स्कूल शिक्षा व साक्षरता शालिनी अग्निहोत्री।

दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर को सम्मानित करतीं शिक्षा मंत्रालय में निदेशक स्कूल शिक्षा व साक्षरता शालिनी अग्निहोत्री।

HighLights

  1. हिमाचल ने 1951 में 7.98% से शुरू की साक्षरता यात्रा।

  2. 2025 तक 99.5% साक्षरता दर के साथ पूर्ण साक्षर राज्य।

  3. नव भारत साक्षरता अभियान 'उल्लास' ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका।

जागरण टीम, शिमला। छोटे-छोटे बदलाव आज हिमाचल के पूर्ण साक्षर राज्य बनने की बड़ी कहानी हैं। पहाड़ जैसी भौगोलिक चुनौतियों और सीमित संसाधनों के बीच 1951 में महज 7.98 प्रतिशत साक्षरता दर वाले हिमाचल ने लंबा सफर तय किया। स्कूल-कॉलेज की संख्या बढ़ी, शिक्षा गांवों तक पहुंची और सरकारों ने इसे प्राथमिकता दी। 

कैसे पाया मुकाम

हिमाचल को वर्ष 2025 में पूर्ण साक्षर राज्य का दर्जा मिला था। 99.5 प्रतिशत साक्षरता के बाद शेष लोगों को पढ़ाने का कार्य नव भारत साक्षरता अभियान के तहत जारी है। 1951 में प्रदेश की साक्षरता दर 7.98 प्रतिशत थी, 2011 में यह बढ़कर 82.80 प्रतिशत हो गई। 2017 में साक्षर भारत योजना के तहत 67,500 लोगों को साक्षर बनाया गया।

पढ़ना-लिखना अभियान के तहत 2022 तक एक लाख लोगों ने अक्षरों की दुनिया में कदम रखा। नव भारत साक्षरता कार्यक्रम 'उल्लास' के तहत भी निरक्षरों की पहचान कर उन्हें पढ़ने-लिखने से जोड़ा गया। 2024 में प्रदेश में 95,307 निरक्षरों की पहचान की गई। उल्लास के तहत इन्हें पढ़ा कर साक्षर बनाया गया।

दिल्ली में बताई उपलब्धि की कहानी

अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस दिवस पर मंगलवार को दिल्ली में होने वाले उल्लास मेले में हिमाचल अपनी उपलब्धि की कहानी देश के सामने रखी। शिक्षा विभाग ने इसके लिए विशेष प्रस्तुति तैयार की। 

ऐसे बढ़ी साक्षरता दर

  • वर्ष    साक्षरता दर (प्रतिशत में)
  • 1951    7.98
  • 1961    21.30 
  • 1971    31.96
  • 1981    42.48
  • 1991    63.54
  • 2001    76.05
  • 2011    82.80
  • 2025    99.5

अक्षर लिखना परीक्षा में पास होने से कम नहीं : सावित्री देवी

बिलासपुर की 60 वर्षीय सावित्री बताती हैं कि अक्षर सीखना किसी परीक्षा में पास होने से कम नहीं। उल्लास कार्यक्रम के माध्यम से पढ़ना-लिखना सीखने के बाद अब पढ़ाई लिखाई के काम खुद कर सकती हैं।

58 वर्षीय निर्मला देवी और संध्या देवी के लिए यह सफर उन्हें घर की चहारदीवारी से निकालकर दिल्ली तक ले आया। साक्षर बनने के बाद पहली बार उन्हें राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर मिला है।

शिक्षा व्यक्ति के व्यक्तित्व विकास का आधार है। सरकारों के लगातार प्रयासों से हिमाचल को पूर्ण साक्षर बनने का गौरव मिला है। वर्तमान सरकार अब गुणात्मक शिक्षा पर ध्यान दे रही है।
-रोहित ठाकुर, शिक्षा मंत्री हिमाचल।

 

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