जागरण संवाददाता, शिमला : राजधानी में लोगों के घरों के लिए खतरा बने पेड़ों के निरीक्षण का काम रुक गया है। शहर में बरसात के दौरान ट्री कमेटी खतरनाक हुए पेड़ों का निरीक्षण कर काटने की सिफारिश करती है। इस बार भी निगम की ट्री कमेटी ने इसकी शुरुआत बरसात के करीब 15 दिन पहले शुरू कर दी थी, लेकिन अभी तक ये काम पूरा नहीं हो सका है।

नगर निगम के पास 300 से ज्यादा लोगों ने पेड़ों को काटने के लिए आवेदन किया था। इसमें से निगम ने 134 पेड़ों का निरीक्षण कर उनकी रिपोर्ट तैयार कर राज्य सरकार को भेजने की तैयारी लगभग पूरी कर ली है। शहर के 34 में से 20 वार्डो में ऐसे पेड़ों का स्पॉट इंस्पेक्शन हो चुका है, लेकिन 14 वार्डो में निरीक्षण किया जाना प्रस्तावित है। इसी बीच शहर से वनमंडल अधिकारी (डीएफओ) का तबादला हो गया। सरकार ने जिन अधिकारी का शिमला के लिए तबादला किया है उन्होंने अभी तक ज्वाइन नहीं किया है। ऐसे में शहर में लोगों के घरों के लिए खतरा बने पेड़ों को निरीक्षण काम रुक गया है। पहली बार वार्ड पार्षद को साथ लेकर किया है निरीक्षण

निगम ने हालांकि पहली बार लोगों को ज्यादा से ज्यादा राहत देने के लिए वार्ड के पार्षद को साथ लेकर निरीक्षण करने का फैसला लिया था। इसके तहत कुछ लोग तो मौके पर ही आवेदन के साथ अपने घर के पास खतरा बने पेड़ों को कटवाने व अन्य कार्यो के लिए आवेदन कर रहे थे। फिलहाल ये पूरी प्रक्रिया रुकी हुई है। डीएफओ की ज्वाइनिग के साथ शुरू होगी प्रक्रिया

मेयर सत्या कौंडल ने कहा कि शहर में वन मंडल अधिकारी की ज्वाइनिग के साथ ही इसकी प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। जल्द ही बचे हुए 14 वार्डो में भी निरीक्षण पूरा कर सरकार को रिपोर्ट भेज दी जाएगी। शहर में लोगों के घरों को पेड़ों को कोई नुकसान न हो, इसके लिए हरसंभव तैयारी कर रखी है।

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