हिमाचल के सबसे बड़े अस्पताल की लैब का कारनामा, सैंपल मस्तिष्क के द्रव का रिपोर्ट दे दी यूरिन की, अब कर्मी हटाया
हिमाचल के सबसे बड़े अस्पताल IGMC शिमला में मरीज के मस्तिष्क द्रव (CSF) के सैंपल की जगह यूरिन की रिपोर्ट ...और पढ़ें

शिमला आईजीएमसी की निजी लैब में रिपोर्ट गलत दे दी। प्रतीकात्मक फोटो
HighLights
IGMC शिमला में मस्तिष्क द्रव के सैंपल की जगह यूरिन रिपोर्ट।
गलती के बाद निजी लैब के कर्मचारी को अस्पताल से हटाया गया।
इस घटना से सैंपल पहचान और रिपोर्ट सत्यापन प्रक्रिया पर सवाल।
जागरण संवाददाता, शिमला। हिमाचल प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आइजीएमसी) में मरीज के मस्तिष्क से निकाले सीएसएफ (मस्तिष्कमेरु द्रव) के सैंपल की जगह यूरिन की रिपोर्ट जारी कर दी गई। इस मामले में अस्पताल प्रशासन ने अब कार्रवाई की है। मामले में आइजीएमसी में निजी लैब में कार्यरत संबंधित कर्मचारी से जवाब मांगने के बाद उसे अस्पताल से हटा दिया है।
अधिकारियों ने उसका सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल चमियाणा तबादला कर दिया है। कर्मचारी से भविष्य में इस तरह की गलती दोबारा न करने का लिखित माफीनामा भी लिया गया है।
क्रसना लैब के रिकॉर्ड में यूरिन नाम से दर्ज हो गई जांच
मामला 28 सितंबर का है और बाल रोग विभाग से संबंधित है। चिकित्सक ने मरीज के मस्तिष्क में पानी भरने की स्थिति के चलते प्रक्रिया के माध्यम से सीएसएफ निकाला था। जांच के लिए भेजे गए मूल रिक्विजिशन फार्म में 'नेचर आफ स्पेसिमेन' के सामने स्पष्ट रूप से सीएसएफ लिखा था। सैंपल लेने का समय दोपहर 12:50 बजे दर्ज था। इसके बावजूद क्रसना लैब के रिकॉर्ड में जांच यूरिन के नाम से दर्ज हो गई।
दोपहर 1:05 बजे 23 रुपये का रूटीन यूरिन जांच का बिल बनाया गया। लैब रिकॉर्ड के मुताबिक सैंपल 1:30 बजे प्राप्त हुआ और इसके बाद यूरिन के पैरामीटर की जांच कर रिपोर्ट दोपहर 2:56 बजे जारी कर दी गई।
रिपोर्ट सत्यापन प्रक्रिया पर उठे सवाल
रिपोर्ट में रंग, पारदर्शिता, पीएच, विशिष्ट गुरुत्व, ग्लूकोज, प्रोटीन, रक्त, आरबीसी और पस सेल समेत यूरिन से संबंधित पैरामीटर दर्ज थे। सीएसएफ की जगह यूरिन की रिपोर्ट जारी होने से अस्पताल की सैंपल पहचान, बिलिंग और रिपोर्ट सत्यापन प्रक्रिया पर सवाल उठे थे। मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने संबंधित कर्मचारी से स्पष्टीकरण मांगा है और लिखित माफीनामा लिया। अस्पताल प्रबंधन ने भविष्य में ऐसी चूक न दोहराने के निर्देश दिए हैं।
