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HRTC बसों में फर्जी पहचान पत्रों से मुफ्त सफर का खेल होगा खत्म, कागजी नहीं अब डिजिटल आई-कार्ड बनाएगा निगम

By Parkash Bhardwaj Edited By: Rajesh Sharma
Published: Sun, 18 Oct 2026 05:48 PM (IST)

हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) ने फर्जी पहचान पत्रों से मुफ्त यात्रा रोकने के लिए डिजिटल पहचान पत्र अनिवार्य कर ...और पढ़ें

एचआरटीसी बसों में अब डिजिटल कार्ड चलेंगे। प्रतीकात्मक फोटो

एचआरटीसी बसों में अब डिजिटल कार्ड चलेंगे। प्रतीकात्मक फोटो

HighLights

  1. HRTC ने फर्जी पहचान पत्रों से मुफ्त सफर रोका।

  2. सभी कर्मचारियों के लिए डिजिटल आईडी कार्ड अनिवार्य।

  3. डिजिटल कार्ड से राजस्व नुकसान पर लगेगी रोक।

राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) की बसों में फर्जी पहचान पत्र दिखाकर मुफ्त सफर का लुत्फ उठाने वाले शातिरों के दिन अब लद चुके हैं। कागजी पहचान पत्रों की आड़ में चल रहे फर्जीवाड़े को जड़ से खत्म करने के लिए निगम प्रबंधन ने कड़ा कदम उठाया है। अब निगम के सभी चालकों, परिचालकों और कार्यालय में सेवारत कर्मियों के लिए डिजिटल पहचान पत्र अनिवार्य कर दिया गया है।

डिजिटल पहचान पत्र बनना शुरू

निगम प्रबंधन ने इस योजना को धरातल पर उतारते हुए डिजिटल पहचान पत्र बनाने का काम युद्धस्तर पर शुरू कर दिया है। जिसके तहत निगम के चालकों, परिचालकों और अन्य कर्मियों के डिजिटल पहचान पत्र मात्र 118 रुपये के रियायती शुल्क पर बनाए जा रहे हैं। आम जनता और नियमित यात्रियों के लिए सुविधाजनक सफर हेतु स्मार्ट ट्रैवल कार्ड 236 रुपये के शुल्क पर उपलब्ध करवाए गए हैं।

लग रहा था चूना

लंबे समय से यह शिकायतें आ रही थीं कि कई शातिर तत्व मैनुअल (कागजी) पहचान पत्रों की हूबहू नकल तैयार कर खुद को निगम का कर्मचारी बताते थे और बेरोकटोक मुफ्त यात्रा करते थे। इससे निगम को हर महीने राजस्व का तगड़ा चूना लग रहा था।

मौके पर होगी जांच

नई व्यवस्था लागू होते ही फर्जी कार्ड के जरिये सफर करना नामुमकिन हो जाएगा, क्योंकि डिजिटल कार्ड को क्यूआर कोड या डिजिटल वेरिफिकेशन के जरिए मौके पर ही आसानी से जांचा जा सकेगा।

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