अजय बन्याल, शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय सहित प्रदेश के कॉलेजों में एससीए चुनाव नहीं होंगे। प्रदेश के कॉलेजों में इस बार भी मनोनयन के आधार पर ही एससीए का गठन क‍िया जाएगा। दैन‍िक जागरण ने इसको लेकर पहले ही जानकारी दे दी थी। शुक्रवार को हाइपावर कमेटी की बैठक हुई। इसके बाद देर शाम को अप्रत्यक्ष चुनाव करवाने की अधिूसचना भी जारी कर दी गई। 10 सिंतबर से लेकर 19 सितंबर तक प्रदेश के कॉलेजों में एससीए का गठन मनोनयन के आधार पर किया जाएगा। इसमें मेरिट के हिसाब में छात्रों का मनोनयन होगा।

वर्ष 2014 से प्रदेश में अप्रत्यक्ष चुनाव हो रहे है। सूत्रों के मुताबिक बीते सप्ताह गुप्तचर एजेंसियों ने सरकार को रिपोर्ट दी थी। इसके मुताबिक सितंबर माह में चुनाव करवाने से शैक्षणिक प्रभावित होगी। इसके साथ ही कॉलेजों में अभी तक चुनावों को लेकर तैयारियां भी नहीं हो पाई है। क्योंकि रूसा के कारण कई छात्रों को कंपार्टमेंट हैं। ऐसे में लिंगदोह की सिफारिशों में चुनाव लड़ना असंभव होता है। रूसा के नए बदलाव से काफी दिक्कतें पेश आई है। वहीं सरकार का एक धड़ा कॉलेजों में चुनाव नहीं करवाने के पक्ष  में है।

सूत्रों के मुताबिक आगामी वर्ष में लोकसभा चुनाव होने है। इसी वजह युवाओं की भूमिका काफी अहम मानी जा रही है। संगठन भी इस वर्ष चुनाव न करवाने के लिए चर्चा कर चुका है। वहीं जब से प्रदेश के कॉलेजों में छात्र संघ चुनाव प्रतिबंधित हुए है। तब से छात्र हिंसा में काफी गिरावट दर्ज की गई है। इस बार छात्र संघ चुनाव न करवाने जाने का फैसला आंतरिक तौर पर लिया जा चुका है।

अप्रत्यक्ष चुनाव ही इस बार होंगे। इसके बारे में अधिसूचना जारी कर दी गई। जब प्रत्यक्ष चुनावों के माहौल होगा। चुनाव करवा दिए जाएंगे।-डॉ. सिकंदर कुमार, कुलपति

Posted By: Munish Dixit