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हिमाचल में वोकेशनल शिक्षकों की सेवा में अंतर, ग्रेच्युटी कटौती की होगी जांच; श्रम विभाग का रिकॉर्ड खंगालने का निर्देश

By Anil Thakur Edited By: Rajesh Sharma
Published: Sat, 17 Oct 2026 06:06 PM (IST)

हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में वोकेशनल शिक्षकों की सेवा में कथित अंतराल और ग्रेच्युटी कटौती के आरोपों की जांच ...और पढ़ें

हिमाचल प्रदेश में वोकेशनल शिक्षकों की शिकायत पर श्रम आयुक्त ने संज्ञान लिया है। प्रतीकात्मक फोटो

हिमाचल प्रदेश में वोकेशनल शिक्षकों की शिकायत पर श्रम आयुक्त ने संज्ञान लिया है। प्रतीकात्मक फोटो

HighLights

  1. वोकेशनल शिक्षकों की सेवा में कथित अंतराल की जांच।

  2. ग्रेच्युटी और अन्य सेवा लाभों में कटौती के आरोप।

  3. श्रम विभाग ने कंपनी के रिकॉर्ड जांचने के निर्देश दिए।

राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कार्यरत वोकेशनल शिक्षकों की सेवा में कथित अंतराल, ग्रेच्युटी और अन्य सेवा लाभों में कटौती के आरोपों की जांच होगी। श्रम विभाग ने शिकायत के आधार पर संबंधित कंपनी के रिकार्ड की पड़ताल कर कार्रवाई रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं।

वोकेशनल ट्रेनर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने आठ सितंबर को श्रम आयुक्त से लिखित शिकायत कर आरोप लगाया था कि 31 मार्च को सभी वोकेशनल शिक्षकों और राज्य समन्वयकों की सेवा समाप्त होना दर्ज किया गया, जबकि उनकी दोबारा नियुक्ति छह, सात और 21 अप्रैल को दिखाई गई।

एसोसिएशन के अनुसार, सेवा में इस तरह का अंतराल दर्ज होने से शिक्षकों की ग्रेच्युटी और अन्य सेवा लाभ प्रभावित हो सकते हैं। वेतन में अंतर और कटौती को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।

कार्रवाई रिपोर्ट देने का निर्देश

श्रम आयुक्त ने श्रम अधिकारी, शिमला को मामले की जांच कर कार्रवाई रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। अधिकारी को कंपनी और शिकायतकर्ताओं से जानकारी जुटाने के साथ शिक्षकों की उपस्थिति, सेवा समाप्ति और दोबारा नियुक्ति से जुड़े अभिलेखों की जांच करनी होगी। कंपनी के साथ हुए समझौते, उसकी अवधि बढ़ाने के दस्तावेज, वेतन भुगतान और कटौती का ब्योरा भी खंगाला जाएगा।

व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर

श्रम विभाग ने शिकायतकर्ता शिक्षकों को व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर देने के निर्देश भी दिए हैं। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि सेवा में अंतराल दिखाने और वेतन या अन्य लाभों में कटौती के आरोप कितने सही हैं तथा कहीं श्रम कानूनों का उल्लंघन तो नहीं हुआ।

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