हिमाचल में रिटायर्ड IAS अफसर करेंगे दागी अधिकारियों की विभागीय जांच, तीन साल के लिए मान्य रहेगा पैनल
कार्मिक मंत्रालय ने दागी और विभागीय जांच का सामना कर रहे अधिकारियों की जांच के लिए सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारियों का एक विशेष पैनल गठित किया है।

दागी अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच पर रिटायर्ड आईएएस अफसर करेंगे। प्रतीकात्मक फोटो
HighLights
कार्मिक मंत्रालय ने सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारियों का पैनल बनाया।
दागी अधिकारियों की विभागीय जांच 180 दिन में पूरी होगी।
पैनल की वैधता तीन वर्ष, मानदेय गवाहों की संख्या पर।
राज्य ब्यूरो, शिमला। कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय ने प्रशासनिक तंत्र में पारदर्शिता और अनुशासन बढ़ाने के लिए सेवानिवृत्त आइएएस अधिकारियों का विशेष जांच पैनल गठित करने का निर्णय लिया है। यह पैनल दागी और विभागीय जांच का सामना कर रहे अधिकारियों के मामलों की जांच करेगा। पैनल के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 30 सितंबर 2026 है।
पैनल में शामिल होने की योग्यता
जांच अधिकारी के लिए अधिकतम आयु 65 वर्ष निर्धारित की गई है। आवेदक का शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ होना, बेदाग विजिलेंस रिकार्ड और निष्कलंक सत्यनिष्ठा जरूरी है। पैनल की वैधता तीन वर्ष होगी और अधिकारियों के प्रदर्शन की समय-समय पर समीक्षा की जाएगी। नियुक्ति के 180 दिन के भीतर जांच रिपोर्ट सौंपनी होगी।
सर्कुलर में निर्देश
सर्कुलर में साफ निर्देश है कि जांच प्रक्रिया में तेजी और यात्रा खर्च घटाने के लिए वीडियो कांफ्रेंसिंग के अधिकतम इस्तेमाल के निर्देश दिए गए हैं। जांच अधिकारियों को गोपनीयता बनाए रखने के साथ यह भी सुनिश्चित करना होगा कि वे संबंधित शिकायतकर्ता या गवाह के रिश्तेदार अथवा मित्र न हों।
गवाहों की संख्या के आधार पर मिलेगा मानदेय
जांच अधिकारियों (आइओ) का मानदेय चार्जशीट में गवाहों की संख्या के आधार पर तय होगा। 10 से अधिक गवाह होने पर अंतिम बेसिक पेंशन का 90 प्रतिशत, छह से 10 गवाहों पर 70 प्रतिशत और छह से कम गवाहों पर 60 प्रतिशत फीस मिलेगी। आउट स्टेशन यात्रा के लिए प्रति केस 40 हजार रुपये ट्रांसपोर्ट अलाउंस (टीए-डीए नियमानुसार) तथा सचिवीय सहायता के लिए 20 से 40 हजार रुपये अतिरिक्त दिए जाएंगे। सेवारत अधिकारी के पार्ट-टाइम जांच अधिकारी बनने पर उसे मासिक बेसिक पे का 15 प्रतिशत मानदेय मिलेगा, जबकि प्रेजेंटिंग ऑफिसर (पीओ) को मासिक बेसिक पे का 20 प्रतिशत मानदेय निर्धारित किया गया है।
