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शिमला में अवैध निर्माण पर नगर निगम की कार्रवाई, पंथाघाटी और ईदगाह में ध्वस्त होंगे 4 ढांचे; 19 मामलों में सुनवाई

By Rohit Nagpal Edited By: Rajesh Sharma
Published: Sat, 26 Sep 2026 04:36 PM (IST)

शिमला नगर निगम ने अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है, जिसमें आयुक्त कोर्ट ने 19 मामलों में ...और पढ़ें

शिमला शहर में नगर निगम अवैध निर्माण हटाएगा। प्रतीकात्मक फोटो

शिमला शहर में नगर निगम अवैध निर्माण हटाएगा। प्रतीकात्मक फोटो

HighLights

  1. नगर निगम ने अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी।

  2. पंथाघाटी और ईदगाह में निगम भूमि पर शौचालय हटाने के आदेश।

  3. छोटा शिमला में स्वीकृत नक्शे से अधिक निर्माण ध्वस्त होगा।

जागरण संवाददाता, शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में अवैध निर्माण के खिलाफ नगर निगम ने कार्रवाई तेज कर दी है। शनिवार को आयुक्त कोर्ट में अवैध निर्माण से जुड़े 19 मामलों की सुनवाई हुई। इनमें चार मामलों में कार्रवाई के आदेश दिए हैं। इसमें दो मामलों में पंथाघाटी और ईदगाह में नगर निगम की जमीन पर बनाए गए शौचालयों को हटाने के निर्देश दिए हैं।

छोटा शिमला में दो भवन मालिकों की ओर से स्वीकृत नक्शे के विपरीत छत को आगे बढ़ाकर किए गए अतिरिक्त निर्माण को भी तोड़ने के आदेश दिए गए हैं। 

आयुक्त कोर्ट में सुनवाई के दौरान पंथाघाटी में नगर निगम की जमीन पर शौचालय बनाने का मामला सामने आया। भवन मालिक की ओर से निगम की भूमि पर किए गए इस निर्माण को अवैध पाते हुए कोर्ट ने इसे हटाने के आदेश दिए। 

इसी तरह ईदगाह क्षेत्र में भी एक निजी भवन मालिक ने नगर निगम की जमीन पर शौचालय बना दिया था। इस मामले में भी आयुक्त कोर्ट ने अवैध निर्माण को ध्वस्त करने के निर्देश जारी किए हैं। 

अवैध निर्माण हटाने का आदेश

आयुक्त कोर्ट में सुनवाई के दौरान पंथाघाटी में नगर निगम की जमीन पर शौचालय बनाने का मामला सामने आया। भवन मालिक की ओर से निगम की भूमि पर किए गए इस निर्माण को अवैध पाते हुए कोर्ट ने इसे हटाने के आदेश दिए। 

खुद न हटाया तो नगर निगम करेगा ध्वस्त

आयुक्त कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि संबंधित भवन मालिकों को निर्धारित समयावधि के भीतर स्वयं अवैध निर्माण हटाना होगा। ऐसा नहीं करने पर नगर निगम की टीम मौके पर पहुंचकर निर्माण को ध्वस्त करेगी। कार्रवाई पर आने वाला खर्च भी संबंधित भवन मालिक से वसूला जाएगा।

सुनवाई के दौरान आयुक्त कोर्ट ने अवैध निर्माण के पुराने लंबित मामलों पर भी संज्ञान लिया। निगम अधिकारियों से इन मामलों की वर्तमान स्थिति और अब तक की गई कार्रवाई का ब्योरा मांगा गया है।

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