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921 TGT की हैप्पी दिवाली, हिमाचल सरकार ने रेगुलर किए शिक्षक; 38100 रुपये मूल वेतन और भत्ते भी मिलेंगे

By Anil Thakur Edited By: Rajesh Sharma
Published: Wed, 21 Oct 2026 06:19 PM (IST)

हिमाचल प्रदेश सरकार ने दो वर्ष का अनुबंध कार्यकाल पूरा करने वाले 921 प्रशिक्षित स्नातक शिक्षकों (टीजीटी) की सेवाएं नियमित कर दी हैं।

हिमाचल की सुखविन्द्र सिंह सुक्खू सरकार ने 921 टीजीटी को रेगुलर कर दिया है।

हिमाचल की सुखविन्द्र सिंह सुक्खू सरकार ने 921 टीजीटी को रेगुलर कर दिया है।

HighLights

  1. 921 टीजीटी शिक्षकों को हिमाचल सरकार ने किया नियमित।

  2. नियमित शिक्षकों को 38,100 रुपये मूल वेतन मिलेगा।

  3. 154 वाणिज्य शिक्षकों की अस्थायी नियुक्ति भी हुई।

राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार ने दो वर्ष का अनुबंध कार्यकाल पूरा करने वाले 921 प्रशिक्षित स्नातक शिक्षकों (टीजीटी) की सेवाएं नियमित कर दी गई हैं। स्कूल शिक्षा निदेशालय ने कला, नान मेडिकल और मेडिकल संकाय के शिक्षकों के नियमितीकरण के आदेश जारी किए। इसके लिए 30 सितंबर तक दो वर्ष का निरंतर सेवाकाल पूरा करना अनिवार्य था।

वेतन व भत्ते मिलेंगे

नियमित शिक्षकों को वेतन मैट्रिक्स के लेवल-10 के प्रथम सेल के तहत 38,100 रुपये शुरुआती मूल वेतन और नियमानुसार अन्य भत्ते मिलेंगे। 

पूरी करनी होगी परिवीक्षा अवधि 

नियमितीकरण संबंधित स्कूलों के प्रधानाचार्यों की सत्यापन रिपोर्ट, उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा की पुष्टि और स्क्रीनिंग कमेटी की सिफारिश के आधार पर हुआ है। नियुक्त शिक्षकों को दो वर्ष की परिवीक्षा अवधि पूरी करनी होगी।

सीबीएसई से संबद्ध सरकारी स्कूलों में 154 वाणिज्य शिक्षक नियुक्त

उधर, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से संबद्ध सरकारी स्कूलों में 154 वाणिज्य शिक्षकों की नियुक्ति की गई है। स्कूल शिक्षा निदेशालय ने राज्य चयन आयोग, हमीरपुर की सिफारिश पर नियुक्ति आदेश जारी किए हैं। शिक्षकों को पांच वर्ष के लिए अस्थायी आधार पर तैनात किया गया है। उन्हें शैक्षणिक वर्ष में 10 माह तक 30 हजार रुपये मासिक मानदेय मिलेगा।

वे वरिष्ठ माध्यमिक स्तर पर वाणिज्य और निचली कक्षाओं में सामाजिक विज्ञान से जुड़े विषय पढ़ाएंगे। विभाग की जरूरत के अनुसार उन्हें अन्य सरकारी स्कूलों में भी तैनात किया जा सकेगा। नियुक्तियां निर्धारित योजना की शर्तों के तहत हुई हैं। शिक्षकों को नियमित सरकारी कर्मचारी का दर्जा या नियमित नियुक्ति और नियमितीकरण का अधिकार नहीं होगा। भविष्य में नियमित भर्ती होने पर उन्हें निर्धारित चयन प्रक्रिया में शामिल होना पड़ेगा।

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