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50-50 नहीं 95-5 किया जाए पदोन्नति अनुपात, हिमाचल लेक्चरर एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री से उठाई मांग

By Parkash Bhardwaj Edited By: Rajesh Sharma
Published: Sun, 20 Sep 2026 06:34 PM (IST)

हिमाचल प्रदेश स्कूल लेक्चरर एसोसिएशन ने प्रिंसिपल पदोन्नति में 50-50 के बजाय 95-5 अनुपात लागू करने की मांग की है। ...और पढ़ें

हिमाचल लेक्चरर एसोसिएशन ने सीएम व शिक्षा मंत्री से मांगें उठाई हैं। प्रतीकात्मक फोटो

हिमाचल लेक्चरर एसोसिएशन ने सीएम व शिक्षा मंत्री से मांगें उठाई हैं। प्रतीकात्मक फोटो

HighLights

  1. प्रिंसिपल पदोन्नति में 50-50 के बजाय 95-5 अनुपात की मांग।

  2. रिक्त प्रिंसिपल पदों को शीघ्र भरने की मांग की गई।

  3. कर्मचारियों का महंगाई भत्ता और एरियर तुरंत जारी करने का आग्रह।

राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश स्कूल लेक्चरर एसोसिएशन (एचपीएसएलए) ने प्रिंसिपल पदोन्नति में 50-50 के फार्मूले को अतार्किक बताते हुए सरकार से इसे कैडर संख्या के आधार पर 95-5 करने की मांग उठाई है। संघ के मुख्य संरक्षक लोकेंद्र नेगी, प्रदेश प्रधान अजय नेगी, कार्यकारी प्रधान दीप सिंह खन्ना, अध्यक्ष सुरिंदर पुंडीर, मुख्य मार्गदर्शक राजेश सैनी और प्रांतीय मुख्य मीडिया सचिव राजन शर्मा ने संयुक्त बयान में कहा कि प्रदेश में वर्तमान में लेक्चरर कैडर में करीब 18 हजार शिक्षक हैं, जबकि मुख्य अध्यापक कैडर में मात्र 850 हैं।

ऐसी स्थिति में प्रिंसिपल पद पर पदोन्नति का 50-50 अनुपात न्यायसंगत नहीं है। वास्तविक संख्या के आधार पर कोटा 95-5 किया जाए।

सीएम व मंत्री से प्रिंसिपल के पद भरने की मांग

संघ ने मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू और शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर से आग्रह किया है कि राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशालाओं में प्रिंसिपल के खाली पड़े सैकड़ों पद शीघ्र भरे जाएं। इससे एक ओर स्कूलों का प्रशासनिक काम सुचारू होगा, वहीं सालों से प्रमोशन का इंतजार कर रहे शिक्षकों को राहत मिलेगी। कई शिक्षक तो बिना प्रमोशन ही रिटायर हो रहे हैं। 

तीन प्रमुख मांगों को भी उठाया

इसके अतिरिक्त तीन प्रमुख मांगों में कर्मचारियों का महंगाई भत्ता और एरियर तुरंत जारी किया जाए। स्कूलों में अन्य वैकल्पिक विषयों पर कोई अतिरिक्त फीस नहीं है, पर कंप्यूटर साइंस के लिए फीस ली जा रही है। इससे गरीब परिवारों के बच्चे विषय नहीं ले पा रहे हैं और प्रवक्ता से प्रधानाचार्य पदोन्नति की सूची शीघ्र जारी की जाए।

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