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पौंग बांध विस्थापित पुनर्वास मामले में श्रीगंगानगर के DC हिमाचल हाई कोर्ट में तलब, पेश न हुए तो होगी कार्रवाई

By Rohit Nagpal Edited By: Rajesh Sharma
Published: Thu, 03 Sep 2026 04:20 PM (IST)Updated: Thu, 03 Sep 2026 05:04 PM (IST)

हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने पौंग बांध विस्थापितों के पुनर्वास मामले में श्रीगंगानगर के जिला कलेक्टर को 23 सितंबर 2026 को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया है।

हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट का शिमला परिसर। जागरण आर्काइव

हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट का शिमला परिसर। जागरण आर्काइव

HighLights

  1. श्रीगंगानगर डीसी को हिमाचल हाई कोर्ट ने तलब किया।

  2. पौंग बांध विस्थापितों के पुनर्वास मामले में सुनवाई।

  3. 23 सितंबर 2026 को व्यक्तिगत पेशी अनिवार्य।

विधि संवाददाता, शिमला। हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने पौंग बांध विस्थापितों के पुनर्वास से जुड़ी निष्पादन याचिका की सुनवाई के पश्चात राजस्थान के श्रीगंगानगर के जिला कलेक्टर (डीसी) को अगली सुनवाई पर व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि अधिकारी अगली तारीख पर उपस्थित नहीं होते हैं, तो उनकी उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए सख्त दंडात्मक या बलपूर्वक कदम उठाए जाएंगे। 

यह आदेश हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जीएस संधावालिया और न्यायाधीश चिराग भानु सिंह की खंडपीठ ने दिए हैं। 

व्यक्तिगत पेशी से मांगी है छूट

अदालत के समक्ष जिला कलेक्टर की ओर से व्यक्तिगत पेशी से छूट के लिए एक आवेदन दायर किया गया था। आवेदन में तर्क दिया था कि राजस्थान में स्थानीय निकाय चुनाव की घोषणा हो चुकी है और नामांकन पत्रों की जांच का काम चल रहा है, जिसके कारण वह उपस्थित होने में असमर्थ हैं। 

23 सितंबर को हर हाल में उपस्थिति जरूरी

इससे पहले जुलाई 2026 में संसद के मानसून सत्र के मद्देनजर भी उन्हें अदालत से छूट मिली थी। हाई कोर्ट ने परिस्थितियों को देखते हुए अधिकारी को पेशी से छूट दे दी और आदेश दिया है कि जिला कलेक्टर को 23 सितंबर 2026 को होने वाली अगली सुनवाई में हर हाल में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना होगा।

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