सरकार बताए कम्यूटेशन के बाद पूरी पेंशन बहाली के लिए 15 वर्ष की अवधि क्यों? हिमाचल हाई कोर्ट का केंद्र व राज्य से सवाल
हिमाचल हाई कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार से पूछा है कि कम्यूटेशन के बाद पूरी पेंशन बहाल करने के ...और पढ़ें

हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट का शिमला स्थित परिसर। जागरण आर्काइव
HighLights
हाई कोर्ट ने 15 वर्ष की पेंशन बहाली अवधि पर सवाल उठाया।
कम्यूटेशन चुकाने पर पहले बहाली पर विचार का आदेश।
सेवानिवृत्त फार्मासिस्ट की याचिका पर सुनवाई जारी।
विधि संवाददाता, शिमला। हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने कम्यूटेशन के कारण कम हुई पेंशन से जुड़े मामले में केंद्र और राज्य सरकार को आदेश दिए हैं कि वह यह स्पष्ट करें कि कम्यूटेशन के बाद पूरी पेंशन बहाल करने के लिए 15 वर्ष की अवधि निर्धारित करने के पीछे क्या औचित्य, कारण और आधार है। कोर्ट ने कहा है कि ऐसा न करने पर प्रतिकूल निष्कर्ष निकाला जा सकता है।
दोनों सरकारों को 15 वर्ष से पहले ली गई कम्यूटेशन चुकाने पर पूरी पेंशन बहाल करने की मांग पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने के आदेश दिए हैं। न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर और न्यायाधीश रंजन शर्मा की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई तीन जून को निर्धारित करने के आदेश दिए हैं।
कम्यूटेड मूल्य ब्याज सहित 135 किस्तों में वापस किया
हाई कोर्ट की एकल पीठ ने सेवानिवृत्त कर्मचारी की पूरी पेंशन की बहाली के आदेश की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया था। याचिकाकर्ता का कहना था कि उसने पेंशन का कम्यूटेड मूल्य ब्याज सहित 135 किस्तों में वापस कर दिया था, इसलिए इसके बाद उसे पूरी पेंशन जारी की जानी चाहिए।
2013 में रिटायर हुआ था प्रार्थी
प्रार्थी 28 फरवरी 2013 को मुख्य आयुर्वेदिक फार्मासिस्ट के पद से सेवानिवृत्त हुआ था। याचिकाकर्ता ने पेंशन का 40 प्रतिशत कम्यूटेशन का विकल्प चुना। प्रधान महालेखाकार (लेखा एवं हकदारी) हिमाचल प्रदेश ने 20 फरवरी 2013 और 31 दिसंबर 2013 के कम्यूटेशन भुगतान आदेश के माध्यम से याचिकाकर्ता के पक्ष में पेंशन के कम्यूटेड मूल्य के भुगतान को अधिकृत किया।
5,31,994 रुपये पेंशन के कम्यूटेड मूल्य के रूप में याचिकाकर्ता को भुगतान किया गया। इन कम्यूटेड भुगतान आदेश के अनुसार भुगतान के अगले महीने से शुरू होकर 15 वर्ष बाद याचिकाकर्ता को पूरी पेंशन बहाल की जानी थी। याचिकाकर्ता से पेंशन के कम्यूटेड मूल्य की मासिक वसूली मार्च 2013 से 5060 रुपये प्रतिमाह और दिसंबर 2013 से 5296 रुपये प्रतिमाह शुरू की गई। याचिकाकर्ता ने पेंशन के कम्यूटेड मूल्य के रूप में 7,23,428 रुपये और उस पर अगस्त 2024 तक आठ प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से ब्याज वापस किया।
101 किस्तों में कर ली वसूली
याचिकाकर्ता का कहना था कि सरकार ने उससे 101 किस्तों में पेंशन के कम्यूटेड की वसूली की है। याचिकाकर्ता ने अगली 34 किस्तों में पेंशन के कम्यूटेड मूल्य पर आठ प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से ब्याज 1,79,999 रुपये का भुगतान किया। 30 जून 2024 को पेंशन के कम्यूटेड मूल्य की 135वीं किस्त के भुगतान पर उसने पेंशन के कम्यूटेड मूल्य के प्रति अपनी पूरी देनदारी चुका दी थी।
याचिकाकर्ता की शिकायत थी कि पेंशन के कम्यूटेड मूल्य की देनदारी और लागू ब्याज चुकाने के बावजूद पेंशन का कम्यूटेड मूल्य अभी भी उसकी मासिक पेंशन से वसूला जा रहा है। उसे पूरी पेंशन नहीं दी जा रही है। इसलिए उसने याचिका दायर कर उसकी पेंशन का कम्यूटेड हिस्सा उस दिन से बहाल करने के निर्देश देने की मांग की है।
