ट्रांसफर के लिए सीधे कोर्ट जाने वाले कर्मचारियों पर हिमाचल सरकार सख्त, अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी
हिमाचल प्रदेश सरकार ने कर्मचारियों के तबादलों को लेकर नए सख्त नियम लागू किए हैं। अब तबादले से संबंधित शिकायतों ...और पढ़ें

हिमाचल प्रदेश सरकार ने तबादलों को लेकर नए आदेश जारी किए हैं। प्रतीकात्मक फोटो
HighLights
तबादलों के लिए सीधे कोर्ट जाने पर होगी कार्रवाई।
कर्मचारियों को पहले सक्षम प्राधिकारी से अपील करनी होगी।
अनुशासनात्मक कार्रवाई केंद्रीय सिविल सेवा नियमों के तहत।
राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य कर्मचारियों के तबादलों को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए व्यापक मार्गदर्शक सिद्धांत-2013 में नया प्रविधान जोड़ा है। अब तबादले से संबंधित शिकायतों के लिए सीधे अदालत का दरवाजा खटखटाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। कार्मिक विभाग ने इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं।
सक्षम प्राधिकारी के समक्ष करनी होगी अपील
सरकार ने स्पष्ट किया है कि पहले कर्मचारियों को अपनी शिकायत सक्षम प्राधिकारी के समक्ष उठानी होगी। इसके बावजूद कई कर्मचारी विभागीय प्रक्रिया अपनाने की अपेक्षा सीधे अदालतों में याचिकाएं दायर कर रहे हैं, जिससे कुछ मामलों में स्टे आर्डर भी मिल रहे हैं। सरकार ने इसे सरकारी निर्देशों की अवहेलना माना है।
सरकार ने नया उपबंध जोड़ा
कार्मिक विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार नया उपबंध जोड़ा गया है। ऐसे मामलों में संबंधित कर्मचारी के खिलाफ केंद्रीय सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1965 तथा अन्य लागू नियमों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जाएगी।
सरकार का क्या है तर्क
सरकार का कहना है कि तबादलों से जुड़े विवादों के समाधान के लिए विभागीय स्तर पर पहले से व्यवस्था मौजूद है, लेकिन सीधे अदालतों में जाने से प्रशासनिक प्रक्रिया प्रभावित होती है और न्यायालयों पर अनावश्यक दबाव बढ़ता है।
