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हिमाचल हाई कोर्ट के जज करेंगे कार पूलिंग, स्टाफ को 2 दिन वर्क फ्रॉम होम का निर्देश; ईंधन खपत कम करने के लिए निर्णय

By Digital Desk Edited By: Rajesh Sharma
Published: Mon, 18 May 2026 06:34 PM (GMT+05:30)Updated: Mon, 18 May 2026 06:47 PM (GMT+05:30)

हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने ईंधन की खपत घटाने और पर्यावरण संरक्षण के लिए बड़े कदम उठाए हैं। न्यायाधीशों ने ...और पढ़ें

हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट का शिमला स्थित परिसर। जागरण आर्काइव

हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट का शिमला स्थित परिसर। जागरण आर्काइव

HighLights

  1. न्यायाधीशों द्वारा ईंधन बचाने हेतु कार-पूलिंग व्यवस्था लागू।

  2. 50% कर्मचारी सप्ताह में दो दिन वर्क फ्रॉम होम करेंगे।

  3. मुख्य न्यायाधीश ने पर्यावरण अनुकूल व्यवस्था अपनाने के निर्देश दिए।

विधि संवाददाता, शिमला। हिमाचल प्रदेश राज्य की सर्वोच्च न्यायिक संस्था हाई कोर्ट ने कार्यप्रणाली में बड़ा बदलाव करते हुए ईंधन की खपत कम करने व पर्यावरण अनुकूल व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। मुख्य न्यायाधीश ने तत्काल प्रभाव से मितव्ययिता उपायों को अपनाने का निर्देश दिया है। 

इन उपायों में हाई कोर्ट के सभी न्यायाधीशों ने सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया है कि वे आपस में कार-पूलिंग व्यवस्था को बढ़ावा देंगे, ताकि ईंधन की खपत को कम किया जा सके और संसाधनों का बेहतर उपयोग हो।

भारत सरकार के परिपत्र पर लिया निर्णय

यह कदम भारत सरकार के कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग द्वारा जारी कार्यालय ज्ञापन और भारत के माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जारी परिपत्र और मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों और ऊर्जा संरक्षण की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और सभी हाईकोर्ट के न्यायाधीशों द्वारा लिया गया है। 

50 प्रतिशत कर्मचारी कर सकेंगे दो दिन वर्क फ्रॉम होम 

हाई कोर्ट की रजिस्ट्री से जुड़े कर्मचारियों के लिए भी नई व्यवस्था लागू की गई है। आदेश के अनुसार, प्रत्येक शाखा और सेक्शन में 50 प्रतिशत कर्मचारी सप्ताह में दो दिन वर्क फ्रॉम होम कर सकेंगे।

हालांकि, यह भी स्पष्ट किया गया है कि बाकी स्टाफ कार्यालय में मौजूद रहेगा, ताकि कामकाज बिना किसी रुकावट के चलता रहे।

फोन पर संपर्क में बने रहना होगा

साथ ही कर्मचारियों को निर्देश दिया गया है कि वे वर्क फ्रॉम होम के दौरान फोन पर उपलब्ध रहें और आवश्यकता पड़ने पर तुरंत कार्यालय आने के लिए तैयार रहें।

हिमाचल के राज्यपाल ने की थी पहल

हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल ने भी गत दिनों लोकभवन को फ्यूल कंजर्वेशन जोन तय किया था। साथ ही राज्यपाल ने अपने काफिले को भी आधा करते हुए हेलीकॉप्टर का उपयोग न करने का फैसला लिया था।

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