विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

हिमाचल हाई कोर्ट का आदेश न मानने पर 3 स्कूल प्रिंसिपल को कारण बताओ नोटिस, निदेशालय में उपस्थित होने के निर्देश

By Anil Thakur Edited By: Rajesh Sharma
Published: Tue, 22 Sep 2026 06:12 PM (IST)

हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट के आदेशों का पालन न करने पर स्कूल शिक्षा निदेशालय ने चंबा जिले के तीन प्रधानाचार्यों/डीडीओ को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं।

कोर्ट के आदेश न मानने पर तीन स्कूल प्रिंसिपल को नोटिस जारी किए गए हैं। प्रतीकात्मक फोटो

कोर्ट के आदेश न मानने पर तीन स्कूल प्रिंसिपल को नोटिस जारी किए गए हैं। प्रतीकात्मक फोटो

HighLights

  1. हिमाचल हाई कोर्ट के आदेशों का पालन न करने पर नोटिस।

  2. चंबा जिले के तीन स्कूल प्रधानाचार्यों/डीडीओ को जारी।

  3. कर्मचारियों के वित्तीय लाभ से जुड़ा है यह मामला।

राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट के आदेश का पालन न करना स्कूल प्रमुखों को भारी पड़ सकता है। स्कूल शिक्षा निदेशालय ने कोर्ट के आदेश और उच्च अधिकारियों के निर्देशों के उल्लंघन मामले में चंबा जिले के तीन राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों के प्रधानाचार्यों/डीडीओ को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। मामला कर्मचारियों को वित्तीय लाभ जारी करने से जुड़ी हाई कोर्ट की याचिकाओं का है।

संबंधित अधिकारियों को 23 सितंबर को सुबह 10 बजे निदेशालय में उपस्थित होकर लिखित स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए हैं। जवाब संतोषजनक नहीं होने अथवा अनुपस्थित रहने की स्थिति में मामले में संबंधित नियमों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश प्रशासनिक विभाग को भेजने की चेतावनी दी गई है। 

निर्देश के बावजूद लागू नहीं हुए आदेश 

वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कुठेड़ में तैनात एलटी और अब लेक्चरर (स्कूल न्यू) रोशन लाल ने याचिका दायर की थी। निदेशालय ने फरवरी 2025 में चंबा के उपनिदेशक को हाई कोर्ट के आदेश की अनुपालना के निर्देश दिए। इसके बाद 27 मार्च 2025 को एक और आदेश जारी कर कुठेड़ स्कूल के प्रधानाचार्य को रोशन लाल को वित्तीय लाभ जारी करने के निर्देश दिए गए। नोटिस के अनुसार, इसके बावजूद आदेश लागू नहीं किए गए। 

मसरोड़ और उदयपुर स्कूल के मामले

इसी तरह जीएसएसएस मसरोड़ में तैनात शास्त्री गणेश दत्त ने याचिका दायर की थी। इस मामले में भी निर्देशों का पालन नहीं हुआ। तीसरा मामला उदयपुर स्कूल का है। यहां एलटी उत्तम चंद ने याचिका दायर की थी। 

प्रथम दृष्टया गंभीर कदाचार

निदेशालय ने इसे पद की जिम्मेदारी के मद्देनजर गंभीर मामला माना है। नोटिस में कहा है कि कोर्ट के आदेशों की गैर अनुपालना और उच्च अधिकारियों के निर्देश का उल्लंघन प्रथम दृष्टया गंभीर कदाचार की श्रेणी में आती है। अब तीनों अधिकारियों के जवाब के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।

यह भी पढ़ें: हिमाचल सरकार ने बदले दो IAS अधिकारी, पदभार का इंतजार कर रहे अनुराग चंद्र शर्मा संभालेंगे पर्यटन विकास निगम