विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

बिना जनमत संग्रह पंचायत घर के निर्माण पर हिमाचल हाई कोर्ट ने लगाई रोक, सरकार से जवाब तलब किया

By Chaitanya Thakur Edited By: Rajesh Sharma
Published: Wed, 12 Aug 2026 04:59 PM (GMT+05:30)

हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने रामपुर बुशहर की सनारसा पंचायत में बिना जनमत संग्रह के पंचायत घर निर्माण पर रोक ...और पढ़ें

हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट का शिमला स्थित परिसर। जागरण आर्काइव

हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट का शिमला स्थित परिसर। जागरण आर्काइव

HighLights

  1. हाई कोर्ट ने पंचायत घर निर्माण पर अंतरिम रोक लगाई।

  2. बिना जनमत संग्रह भूमि चयन पर कोर्ट ने संज्ञान लिया।

  3. राज्य सरकार और अधिकारियों से तीन सप्ताह में जवाब मांगा।

विधि संवाददाता, शिमला। हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने बिना जनमत संग्रह करवाए पंचायत घर निर्माण के लिए टेंडर आवंटित करने पर कड़ा संज्ञान लिया है। न्यायाधीश ज्योत्सना रीवाल दुआ की एकल पीठ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए निर्माण गतिविधियों पर आगामी सुनवाई तक अंतरिम रोक लगा दी है। यह विवाद रामपुर बुशहर विकास खंड की ग्राम पंचायत सनारसा से जुड़ा है। याचिकाकर्ता नरोत्तम राम शर्मा ने हाईकोर्ट में सिविल रिट याचिका दायर कर प्रशासनिक मनमानी को चुनौती दी है।

याचिकाकर्ता का आरोप है कि पंचायत घर के निर्माण के लिए भूमि चयन को लेकर अभी तक स्थानीय जनता के बीच कोई जनमत संग्रह या आम सहमति नहीं बनाई गई है। जनता की राय लिए बिना ही खंड विकास अधिकारी रामपुर बुशहर और ग्रामीण विकास विभाग ने अपनी मर्जी से साइट का चयन कर लिया और निर्माण कार्य का टेंडर भी जारी कर दिया।

रिपोर्ट में विभागीय गलती उजागर

अदालत के आदेश पर सरकारी वकील द्वारा रिकॉर्ड पर रखी गई बीडीओ रामपुर बुशहर की रिपोर्ट ने विभाग की गलती को उजागर कर दिया। रिपोर्ट में अधिकारियों ने खुद स्वीकार किया कि सामुदायिक पंचायत घर के निर्माण के लिए अभी तक जनता का रेफरेंडम करवाया जाना बाकी है। इसके बावजूद विभाग ने अपनी चुनी हुई साइट पर टेंडर अवार्ड कर दिया।

तुरंत प्रभाव से काम रोकने का आदेश

अदालत ने इसे प्रक्रियात्मक नियमों का उल्लंघन मानते हुए प्रतिवादियों को निर्देश दिए हैं सनारसा पंचायत घर का निर्माण कार्य अगली सुनवाई तक तुरंत प्रभाव से रोक दिया जाए। कोर्ट ने राज्य सरकार और संबंधित अधिकारियों को तीन सप्ताह के भीतर अपना विस्तृत जवाब दाखिल करने का समय दिया है। मामले पर अब अगली सुनवाई 2 सितंबर 2026 को तय की गई है।

यह भी पढ़ें: हिमाचल की 2603 पंचायतों में 15 अगस्त की ग्रामसभा कार्यवाही सभा सार मंच पर होगी दर्ज, ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग होगी