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Himachal Weather 1st October: हिमाचल में फिर बरसेंगे बादल, 6 जिलों में वर्षा के आसार; यहां माइनस में तापमान

By Parkash Bhardwaj Edited By: Rajesh Sharma
Published: Thu, 01 Oct 2026 06:50 AM (IST)

हिमाचल प्रदेश में 5 और 6 अक्टूबर को नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से छह जिलों में हल्की वर्षा की संभावना है। मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं।

हिमाचल प्रदेश में फिर से बारिश के आसार हैं।

हिमाचल प्रदेश में फिर से बारिश के आसार हैं।

HighLights

  1. 5-6 अक्टूबर को छह जिलों में हल्की वर्षा की संभावना।

  2. हिमाचल से मानसून की वापसी दो-तीन दिन में संभव।

  3. ताबो में तापमान माइनस तीन डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश में मानसून की वापसी की आहट के बीच एक बार फिर बारिश के आसार बन रहे हैं। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, एक से चार अक्टूबर तक मौसम साफ रहने की संभावना है। पांच व छह अक्टूबर को नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। इसके प्रभाव से मैदानी और मध्य पर्वतीय जिलों कांगड़ा, हमीरपुर, बिलासपुर, मंडी, शिमला, सोलन में हल्की वर्षा हो सकती है।

उच्च पर्वतीय क्षेत्र लाहुल स्पीति, किन्नौर में मौसम साफ रहने की संभावना है। उत्तर हरियाणा पर बना चक्रवात अभी 1.5 से 5.8 किलोमीटर ऊंचाई तक सक्रिय है, जिसका प्रभाव देखा जा सकता है। 

ताबो में माइनस तीन डिग्री तापमान

बुधवार को प्रदेशभर में धूप खिली रही, इससे मैदानी क्षेत्रों में उमस महसूस की गई, हालांकि रातें ठंडी हो गई हैं। बुधवार को न्यूनतम तापमान सामान्य से 0.4 डिग्री सेल्सियस कम रहा। ताबो में माइनस तीन, कुकुमसेरी में 4.4, केलंग में 4.8 और कल्पा में 7.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ। प्रदेश में अभी भी मानसून का प्रभाव नजर आ रहा है। 

मानसून की वापसी

प्रदेश से मानसून दो से तीन दिन में लौट सकता है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार, दो से तीन में हिमाचल से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल हो गई हैं। प्रदेश में मानसून ने 30 जून को दस्तक दी थी और करीब 93 दिन तक सक्रिय रहा। 

46 सड़कें बंद

24 घंटों में रामपुर में 16 मिलीमीटर वर्षा हुई। प्रदेश में 46 सड़कें बंद हैं। प्रदेश में मानसून के दौरान (30 जून से 30 सितंबर तक) 374 मौतें हुई हैं। चार लोग लापता हैं, जबकि 624 घायल हुए हैं। 222 मौतें सड़क हादसों व 152 भूस्खलन-बाढ़ के कारण हुई हैं।

प्रदेश में करीब 3220 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। लोक निर्माण विभाग को ही 2744 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।

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