Himachal Weather 18th September: मानसून की विदाई से पहले मौसम का यू-टर्न, बर्फबारी से 8.2 डिग्री तक गिरा तापमान
हिमाचल प्रदेश में मानसून की विदाई से पहले मौसम ने अचानक करवट ली है, जिससे ऊंचे पर्वतीय दर्रों में सीजन ...और पढ़ें

हिमाचल प्रदेश में बर्फबारी के बाद तापमान में गिरावट आई है।
HighLights
मानसून की विदाई से पहले हिमाचल में पहला हिमपात।
तापमान में 8.2 डिग्री सेल्सियस तक की भारी गिरावट।
60 सड़कें और 31 विद्युत ट्रांसफार्मर हुए बाधित।
राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश में मानसून की विदाई से पूर्व अचानक अपना मिजाज बदल लिया है। सितंबर के मध्य में ही राज्य के ऊंचे पर्वतीय दर्रों में सीजन का पहला हिमपात दर्ज किया गया है। प्रदेश में हिमपात और वर्षा के बीच तापमान में 8.2 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की गई है। रोहतांग पास, शिंकुला, बारालाचा ला और कुंजुम दर्रे में 4 से 6 इंच तक ताजा हिमपात हुआ है, जबकि प्रदेश में कई स्थानों पर मध्यम वर्षा दर्ज की गई है। प्रदेश में अभी मौसम तेवर दिखाएगा। शुक्रवार को भी कुछ जगह बारिश की संभावना है।
लाहौल-स्पीति और मनाली को जोड़ने वाले प्रमुख दर्रों पर बर्फ जमने से फिसलने का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय चालकों को ऊंचे दर्रों की ओर अनावश्यक यात्रा न करने की सख्त चेतावनी जारी की है।
60 सड़कें बंद
प्रदेशभर में 60 सड़कें और 31 विद्युत ट्रांसफॉर्मर बाधित हुए हैं। प्रदेश में बंद सड़कों में मंडी जिले में 33 सड़कें, कांगड़ा में 10, कुल्लू में 9 सड़कें बंद हैं जिन्हें खोलने के प्रयास किए जा रहे हैं। जबकि सिरमौर में 30 बिजली के ट्रांसफार्मर बाधित रहे।
627.4 मिलीमीटर वर्षा दर्ज
प्रदेश में 1 जून से 17 सितंबर के दौरान 627.4 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है जो सामान्य से 10 प्रतिशत कम है, जबकि सितंबर माह में अब तक 17 दिनों में 78.5 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है जो सामान्य से 3 प्रतिशत कम है।
नैना देवी में सबसे ज्यादा बारिश
प्रदेश में बीते चौबीस घंटों के दौरान श्री नैना देवी जी में 86, घाघस में 40, सुंदरनगर में 37, नाहन में 34, मनाली में 17 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है।
कल्पा में सबसे ज्यादा गिरा तापमान
प्रदेश में अधिकतम तापमान में सबसे अधिक गिरावट कल्पा में 8.2 डिग्री के कारण 14.2, भुंतर में 7.5 डिग्री की गिरावट के कारण 24.1, ताबो में 7.1 डिग्री की गिरावट के कारण 18.5, मंडी में 6 डिग्री जबकि बाकी स्थानों पर दो से तीन डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है।
न्यूनतम तापमान में एक से चार डिग्री का अंतर आया है। पालमपुर में न्यूनतम तापमान में 4.5 डिग्री की वृद्धि दर्ज की गई। जबकि बाकी स्थानों पर एक से दो डिग्री का अंतर आया है।
मानसून में नुकसान का आंकड़ा
प्रदेश में मानसून के दौरान 30 जून से 17 सितंबर के दौरान 3212.84 करोड़ के नुकसान का आकलन किया गया है। लोक निर्माण विभाग को सड़कों और पुलों के कारण 2744.67 करोड़, जबकि जल शक्ति विभाग को 383.57 करोड़ के नुकसान का आकलन किया गया है। 234 मकान पूरी तरह से ध्वस्त हो चुके हैं।
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