Himachal Weather: हिमाचल में अब तक सामान्य से 10 फीसद कम बारिश, 4 जिले बूंद-बूंद को तरसे; 8 में ठीक रहे हालात
हिमाचल प्रदेश में इस मानसून सीजन में सामान्य से 10% कम बारिश हुई है, फिर भी 285 लोगों की जान गई और 1,550 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।

हिमाचल प्रदेश में इस बार सामान्य से 10 प्रतिशत कम बारिश हुई है।
HighLights
मानसून में सामान्य से 10% कम बारिश, 285 मौतें
राज्य को 1,550 करोड़ रुपये का भारी नुकसान हुआ
13 सितंबर से मानसून फिर सक्रिय, हल्की से मध्यम बारिश
राज्य ब्यूरो, शिमला। हिामचल प्रदेश में अब तक मानसून से सामान्य से 10 फीसद कम बारिश हुई, तो दूसरी तरफ तबाही का आंकड़ा डराने वाला है। बारिश, भूस्खलन और हादसों ने इस सीजन में अब तक 285 लोगों की जान ले ली है, जबकि राज्य को करीब 1,550 करोड़ रुपये का भारी-भरकम नुकसान झेलना पड़ा है, जिसमें लोक निर्माण विभाग को हुआ 1,131 करोड़ रुपये का नुकसान शामिल है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के तहत अगले दो-तीन दिन मानसून कुछ शांत रहेगा, लेकिन 13 सितंबर से यह एक बार फिर से जोर पकड़ेगा। 10 से 12 सितंबर तक प्रदेश के उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम मुख्य रूप से साफ रहने के आसार हैं, जबकि निचले इलाकों में हल्की बूंदाबांदी हो सकती है।
13 सितंबर से मानसून फिर एक्टिव मोड में आएगा और पूरे प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश का दौर शुरू होगा। 14 और 15 सितंबर को बारिश की गतिविधियों में और तेजी आने की संभावना है। हालांकि, राहत की बात यह है कि 15 सितंबर तक भारी बारिश को लेकर कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है।
इन क्षेत्रों में बरसे बादल
बुधवार को भी शिमला समेत कई हिस्सों में बादल डेरा डाले रहे। पिछले 24 घंटों में सिरमौर के धौलाकुआं में सर्वाधिक 40 मिलीमीटर पानी बरसा। वहीं, कांगड़ा के गुलेर व धर्मशाला में 20-20 मिमी और सुजानपुर टीहरा में 10 मिमी बारिश दर्ज की गई। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है।
8 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश तो 4 बूंद-बूंद को तरसे
30 जून को दस्तक देने वाले मानसून ने इस बार जिलों में भेदभाव किया है। राज्य के आठ जिलों में सामान्य से अधिक बारिश हुई है, जबकि चार जिले बूंद-बूंद को तरसे हैं। पिछले साल हिमाचल में मानसून के दौरान सामान्य से 39 फीसदी अधिक बारिश हुई थी, जिसकी तुलना में इस बार मानसून की चाल सुस्त है।
यहां सूखे जैसे हालात
लाहुल-स्पीति में मानसून पूरी तरह नदारद रहा, यहां सामान्य से 99 फीसदी कम बारिश हुई। इसके अलावा चंबा में 64 फीसदी, ऊना में 31 फीसदी और कुल्लू में 22 फीसदी कम वर्षा हुई। जबकि दूसरे जनजातीय जिला किन्नौर में सामान्य से 73 फीसदी और सिरमौर में 68 फीसदी अधिक बारिश दर्ज की गई। हमीरपुर (23 प्रतिशत), मंडी (21 प्रतिशत), शिमला ( 10 प्रतिशत), कांगड़ा (9 प्रतिशत) और सोलन (2 प्रतिशत) में भी अपेक्षानुरूप वर्षा हुई।
कम बारिश में भी गहरा है जख्म, 285 लोगों ने गंवाई जान
प्रदेश में बारिश भले ही कम हुई हो, लेकिन आपदा ने गहरे घाव दिए हैं। इस मानसूनी सीजन में अब तक 285 लोगों की मौत हो चुकी है और 510 लोग घायल हुए हैं। मृतकों में 171 लोग सड़क हादसों का शिकार हुए, जबकि 114 लोगों की जान भूस्खलन, बाढ़ और फ्लैश फ्लड जैसी घटनाओं में गई। तीन लोग अभी भी लापता हैं।
घर और दुकानों को पहुंचे नुकसान में 124 घर पूरी तरह जमींदोज हो गए, जबकि 496 घरों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। 17 दुकानें और 464 पशुशालाएं भी मलबे में तब्दील हुईं। भूस्खलन के कारण 70 सड़कें ठप पड़ी थीं (मंडी में सर्वाधिक 37)। 19 ट्रांसफार्मर और दो पेयजल योजनाएं भी बंद हैं।
